छत्तीसगढ़ को मिला पहला एआई डाटा सेंटर पार्क, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया रैकबैंक प्रोजेक्ट का भूमि पूजन

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छत्तीसगढ़ को मिला पहला एआई डाटा सेंटर पार्क, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया रैकबैंक प्रोजेक्ट का भूमि पूजन

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज एक ऐतिहासिक पहल के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रैकबैंक के अत्याधुनिक एआई डाटा सेंटर पार्क का भूमि पूजन किया। रैकबैंक, जो भारत में प्रीमियम, कार्बन-न्यूट्रल डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड कम्प्यूटिंग और एआई सर्विसेस का प्रमुख प्रदाता है, ने यह पार्क छत्तीसगढ़ में स्थापित करने की घोषणा की है। यह राज्य का पहला एआई-केंद्रित डाटा सेंटर कैंपस होगा।

इस मौके पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी भी मौजूद रहे।

1000 करोड़ की लागत से होगा निर्माण, 1 लाख GPU की क्षमता
13.5 एकड़ में फैले इस कैंपस का निर्माण प्रारंभिक चरण में 1000 करोड़ रुपए के निवेश से किया जा रहा है, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 3000 करोड़ रुपए तक किया जा सकता है। डाटा सेंटर में 1 लाख जीपीयू और 80 मेगावाट पॉवर संभालने की क्षमता होगी, जो एआई वर्कलोड्स की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

रैकबैंक दे रहा भारत के इंडियाएआई मिशन को समर्थन
रैकबैंक के फाउंडर और सीईओ श्री नरेंद्र सेन ने कहा कि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘इंडियाएआई’ मिशन को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, “यह सेंटर भारत की जीपीयू कम्प्यूटिंग क्षमता को सशक्त बनाएगा, जिससे शिक्षा, उद्योग और सरकारी क्षेत्र में एआई की पहुंच बढ़ेगी।”

तकनीकी नवाचार और ऊर्जा कुशलता का संगम
डाटा सेंटर चार चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में 80 मेगावाट क्षमता होगी, जिसे चौथे चरण तक 160 मेगावाट तक बढ़ाया जाएगा। रैकबैंक की इन-हाउस विकसित डायरेक्ट-टू-चिप और वरुण लिक्विड इमर्शन कूलिंग तकनीक का उपयोग इसमें किया जाएगा, जिससे पारंपरिक कूलिंग लागत की तुलना में 70% तक की बचत होगी।

छत्तीसगढ़ की डिजिटल क्रांति की दिशा में नया मील का पत्थर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “यह प्रोजेक्ट राज्य को देश के डिजिटल परिवर्तन में अग्रणी बनाएगा। हमारी औद्योगिक नीति के अंतर्गत यह निवेश नई सोच और उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों को प्रोत्साहन देगा।”

रोजगार और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
इस सेंटर से अगले 5 वर्षों में 200 से अधिक नौकरियों के अवसर सृजित होंगे, जिसे 500 तक बढ़ाने की योजना है। रायपुर एसईजेड में अतिरिक्त 2.70 हेक्टेयर भूमि भी चिन्हित की गई है ताकि सेवा की गुणवत्ता बनी रहे और लागत कम हो।

मुख्य विशेषताएं

पॉवर क्षमता: 4 चरणों में विस्तार योग्य, प्रारंभिक क्षमता 80 मेगावाट

एआई सपोर्ट: 1 लाख+ जीपीयू क्षमता

कूलिंग टेक्नोलॉजी: इन-हाउस पेटेंटेड डायरेक्ट-टू-चिप और लिक्विड इमर्शन कूलिंग

रैक घनत्व: 80 से 200 किलावाट तक

एनवीआईडीआईए अनुरूप जीपीयू इन्फ्रास्ट्रक्चर

डेटा ट्रांसफर: भारत में न्यूनतम देरी के साथ कुशल संचालन

सतत विकास: स्वच्छ ऊर्जा उपयोग और कम पानी की खपत

रैकबैंक का यह एआई डाटा सेंटर पार्क रायपुर को भारत के डिजिटल नवाचार मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और उद्योग जैसे विविध क्षेत्रों में यह केंद्र तकनीकी प्रगति और नवाचार को मजबूती देगा।

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