रायपुर के बहुचर्चित और विवादित प्रोजेक्ट स्काईवॉक को आखिरकार नया जीवन मिलने जा रहा है। लगभग 7 साल बाद इस पर पुनः काम शुरू होने की तैयारी है। शासन ने इसके लिए 37 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
इस परियोजना की शुरुआत रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में हुई थी, जिसमें स्काईवॉक के ड्राइंग और डिजाइन को मंजूरी मिली थी। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी थी। अब वर्तमान साय सरकार ने इसे पूरा करने का निर्णय लिया है।
यह प्रोजेक्ट प्रारंभ से ही विवादों में घिरा रहा। निर्माण के बीच में काम रुकने के कारण यह अधूरा पड़ा था, जिससे न केवल शहर की सुंदरता पर प्रभाव पड़ा बल्कि जनता में भी निराशा का माहौल था।
साय सरकार के इस फैसले से स्काईवॉक के उद्धार का मार्ग प्रशस्त हो गया है। पुराने डिजाइन के आधार पर ही इसका निर्माण कार्य किया जाएगा। नगर निगम और शहरी विकास विभाग के समन्वय से निर्माण को शीघ्र पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस फैसले से न केवल शहरवासियों को यातायात सुविधा में सुधार मिलेगा, बल्कि रायपुर की पहचान को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय नागरिकों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि स्काईवॉक का उद्धार शहर के सौंदर्य और सुविधाओं में नया अध्याय जोड़ेगा।



