
रामपुर /उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के टांडा क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार तस्करों—मुत्तलिब, अजहरुद्दीन, शाने आलम और जुल्फिकार अली—को गिरफ्तार किया है, जिनके पेट से करीब 1 किलोग्राम सोना बरामद किया गया। यह सोना 30-30 ग्राम के 29 कैप्सूल के रूप में पेट में छिपाकर दुबई से भारत लाया गया था।
तस्करी का हाई-टेक तरीका
जांच में पता चला कि यह गिरोह एक बेहद सुनियोजित प्रणाली के तहत काम करता था। तस्कर दुबई और सऊदी अरब से सोने के कैप्सूल निगलकर भारत आते थे। ये कैप्सूल प्लास्टिक या फाइबर में लिपटे होते थे, जिससे एयरपोर्ट पर मेटल डिटेक्टर और स्कैनिंग मशीनें इन्हें पकड़ नहीं पाती थीं।


सूत्रों के अनुसार, इस गैंग के दुबई एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों से भी संबंध थे, जिससे ये आसानी से चेक-इन कर लेते थे। भारत में वे मुख्यतः मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट का उपयोग करते थे।
घर में ‘स्पेशल टॉयलेट’, मेडिकल टीम और नेटवर्क
गिरफ्तार तस्करों के घरों में विशेष टॉयलेट बनाए गए थे जिनमें स्टील की जाली लगी होती थी। शौच के दौरान मल इस जाली पर गिरता और कैप्सूल अलग हो जाते थे। इन्हें साफ कर फाइनेंसरों को सौंप दिया जाता था।

गिरोह में फाइनेंसर, ट्रैवल एजेंट और डॉक्टर तक शामिल थे, जो वीजा, टिकट और मेडिकल सपोर्ट मुहैया कराते थे। तस्करों को हर चक्कर के लिए ₹50,000 मिलते थे। पेट से कैप्सूल निकालने में कोई स्वास्थ्य जोखिम न हो, इसके लिए तस्करों को दो-तीन दिन पहले से हल्का भोजन या फल खाने की सलाह दी जाती थी।
3.4 लाख रुपये प्रति किलो का अवैध मुनाफा
दुबई में सोने की कीमत भारत की तुलना में कम होती है—जहां 1 किलो सोना करीब ₹83 लाख में मिलता है, वहीं भारत में इसकी कीमत ₹86.4 लाख तक जाती है। बिना कस्टम ड्यूटी (लगभग 14% जीएसटी) दिए तस्करी से प्रति किलो पर ₹3.4 लाख तक का लाभ होता था।
अपहरण, भागने की कोशिश और पुलिस की कार्रवाई
23 मई को ये चारों तस्कर दिल्ली से रामपुर लौट रहे थे। मुरादाबाद जिले के मूंढापांडे थाना क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर उनकी कार को बदमाशों ने रोककर अपहरण कर लिया। बदमाशों को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तस्करों के पेट में सोना है।
वे फार्महाउस पर तस्करों से सोना निकालने की तैयारी में थे, तभी एक तस्कर, जुल्फिकार, किसी तरह भागने में सफल रहा और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुठभेड़ के दौरान दो अपहरणकर्ताओं—रफीक और राजा—को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पैर में गोली लगी। बाद में मेडिकल जांच में चारों तस्करों के पेट से सोने के कैप्सूल की पुष्टि हुई।
जांच जारी, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस को शक है कि यह गिरोह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। जांच एजेंसियां अब इस मामले में शामिल अन्य सहयोगियों—फाइनेंसरों, ट्रैवल एजेंटों और मेडिकल पेशेवरों—की तलाश में जुटी हैं।




