MLA T. Raja Singh , विधायक टी. राजा सिंह का इस्तीफा, राज्य नेतृत्व पर नाराजगी जताई — बोले “हिंदुत्व की सेवा जारी रखूंगा”

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 विधायक टी. राजा सिंह का इस्तीफा, राज्य नेतृत्व पर नाराजगी जताई — बोले “हिंदुत्व की सेवा जारी रखूंगा”

हैदराबाद। तेलंगाना की गोशामहल विधानसभा सीट से विधायक टी. राजा सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्य भाजपा नेतृत्व के भीतर चल रही खींचतान और असंतोष के चलते पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है। अपना इस्तीफा उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जी. किशन रेड्डी को भेजा है।

राजा सिंह ने कहा, “बहुत से लोगों की चुप्पी को सहमति नहीं समझा जाना चाहिए। मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन अनगिनत कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के लिए बोल रहा हूं जो आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”

अपने इस्तीफे में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भले ही पार्टी से अलग हो रहे हैं, लेकिन हिंदुत्व विचारधारा और धर्म के प्रति उनकी निष्ठा अडिग है। उन्होंने कहा कि वे हिंदू समाज की सेवा और उसकी आवाज़ बनने के अपने कार्य को और भी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाएंगे।

राजा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के संगठन महासचिव बी. एल. संतोष को भी पत्र लिखकर तेलंगाना भाजपा नेतृत्व की स्थिति पर पुनर्विचार की अपील की है। उन्होंने कहा, “तेलंगाना भाजपा के लिए तैयार है, लेकिन हमें इस अवसर को खोने से बचाने के लिए सही नेतृत्व की जरूरत है।”

उन्होंने अपने पत्र का अंत “जय हिंद, जय श्री राम” के नारों के साथ किया।

2018 में भाजपा को मिली थी एकमात्र सीट

तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा को केवल एक सीट मिली थी, जब टी. राजा सिंह गोशामहल से विजयी हुए थे। इसके बाद उपचुनावों में एम. रघुनंदन राव (दुब्बाक) और पूर्व मंत्री एटाला राजेंद्र (हुजूराबाद) भाजपा के विधायक बने।

2023 में कांग्रेस ने बनाई सरकार

दिसंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 119 सीटों में से 64 पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया था। सत्ताधारी भारत राष्ट्र समिति (BRS) को 39, भाजपा को 8, AIMIM को 7 और CPI को 1 सीट मिली थी।

इस चुनाव में कुल 70.66% मतदान हुआ, जो 2018 की तुलना में 2.76% कम था। कांग्रेस को 39.39%, BRS को 37.37%, भाजपा को 13.87% और AIMIM को 2.21% वोट मिले। अन्य दलों के खाते में करीब 7% वोट गए थे।

राजा सिंह के इस इस्तीफे को तेलंगाना भाजपा में गहराते अंतर्विरोध का संकेत माना जा रहा है, जिसे लेकर आने वाले समय में पार्टी को आंतरिक सुलह और पुनर्गठन की आवश्यकता हो सकती है।

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