
चैतन्य बघेल को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड, 1000 करोड़ के शराब घोटाले में गंभीर आरोप
रायपुर। बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अब वह 4 अगस्त 2025 तक रायपुर सेंट्रल जेल में रहेंगे।


गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद चैतन्य को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ED को 5 दिनों की रिमांड मिली थी। इस दौरान उनसे घोटाले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की गईं। रिमांड खत्म होने के बाद आज चैतन्य को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां विशेष न्यायाधीश ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश सुनाया।
शराब घोटाले में गंभीर आरोप
ED के अनुसार, शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की घोटाले की रकम को हैंडल किया।

बंसल ने बताया कि यह नकद राशि अनवर ढेबर के माध्यम से दीपेन चावड़ा तक पहुंचाई गई, जिसे आगे राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया। इस पूरी व्यवस्था में चैतन्य बघेल की प्रमुख भूमिका बताई गई है। इतना ही नहीं, चैतन्य के कहने पर इस रकम में से 100 करोड़ रुपये नकद केके श्रीवास्तव को दिए गए।
पप्पू बंसल ने यह भी स्वीकार किया है कि इस शराब घोटाले से उसे केवल तीन महीनों में 136 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। इसके अलावा अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित की चैट में भी इस गड़बड़ी से जुड़ी बातचीत के प्रमाण मिले हैं।
इस मामले में आगे की जांच जारी है और ED को उम्मीद है कि चैतन्य बघेल से पूछताछ के आधार पर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।




