
CGPSC भर्ती घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से कई आरोपियों को मिली जमानत
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ी राहत देते हुए कई आरोपियों को जमानत दे दी है। जमानत पाने वालों में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के पुत्र साहिल सोनवानी, नितेश सोनवानी, बजरंग स्पात कंपनी के डायरेक्टर के पुत्र, शशांक गोयल और भूमिका कटियार शामिल हैं।


आरोपियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा, सिद्धार्थ अग्रवाल और शशांक मिश्रा ने पैरवी की।
यह मामला वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित है, जब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 171 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। प्रारंभिक परीक्षा में 2,565 उम्मीदवार सफल हुए थे, जबकि मई 2022 में आयोजित मुख्य परीक्षा में 509 उम्मीदवारों ने सफलता प्राप्त की थी। इसके बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई थी।

हालांकि, कुछ ही समय बाद भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियां पाए जाने के बाद तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत कई अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।




