
कमिश्नरेट प्रणाली के बाद रायपुर में पहली बड़ी कार्यशाला


रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद राजधानी रायपुर में पहली महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह दो दिवसीय कार्यशाला सिविल लाइन स्थित C4 बिल्डिंग में प्रारंभ हो चुकी है। कार्यशाला में पुलिस कमिश्नर और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की विशेष मौजूदगी रही।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अपराधों की विवेचना को और अधिक मजबूत, वैज्ञानिक व प्रभावी बनाना है। कार्यशाला के दौरान गंभीर और संवेदनशील अपराधों की गहराई से जांच कैसे की जाए, इस पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जा रहा है। साथ ही विवेचना के दौरान कानूनी पहलुओं का सही ढंग से पालन करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी न रह जाए और अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट द्वारा पुलिस अधिकारियों को विवेचना को सुदृढ़ करने के महत्वपूर्ण मंत्र दिए जा रहे हैं, वहीं पुलिस कमिश्नर नए पावर और अधिकारों के प्रभावी उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश देंगे।
इस दो दिवसीय कार्यशाला में जिले के सभी डीसी, एडीसी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी शामिल हुए हैं। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के तहत आयोजित यह कार्यशाला भविष्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस प्रशिक्षण से रायपुर पुलिस की कार्यप्रणाली और विवेचना की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।




