छत्तीसगढ़ चावल वाले बाबा गिरफ्तार , महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
महासमुंद/रायपुर। छत्तीसगढ़ में “चावल वाले बाबा” के नाम से प्रसिद्ध स्वयंभू आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री को महासमुंद पुलिस ने दुष्कर्म के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया है। बागबाहरा थाना में दर्ज शिकायत के आधार पर की गई इस कार्रवाई से प्रदेशभर में चर्चा का माहौल है। वर्षों से धार्मिक प्रवचन, दरबार और चावल देखकर भविष्य बताने के दावों के कारण चर्चित रहे बाबा अब गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, बागबाहरा थाना क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि वर्ष 2023 में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, कथित घटना वर्ष 2023 की है। पीड़िता ने घटना के बाद इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी थी, लेकिन सामाजिक दबाव, बदनामी के भय और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण मामला तत्काल पुलिस तक नहीं पहुंच सका। लंबे समय तक मानसिक तनाव और पीड़ा झेलने के बाद पीड़िता ने साहस जुटाकर कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया और बागबाहरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रारंभ की। पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
प्रदेशभर में चर्चित रहा ‘चावल वाले बाबा’ का दरबार
आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में “चावल वाले बाबा” के नाम से जाना जाता रहा है। उनके दरबारों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान और भविष्य जानने के लिए पहुंचते थे। बाबा दावा करते थे कि वे एक मुट्ठी चावल और लाल फूल के आधार पर व्यक्ति के जीवन, पारिवारिक परिस्थितियों और भविष्य का आकलन कर सकते हैं।
रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र में उनका आश्रम संचालित होने की भी जानकारी सामने आई है। धार्मिक आयोजनों और कथित चमत्कारिक दावों के चलते उन्होंने बड़ी संख्या में अनुयायी बनाए थे।
जांच जारी, पुराने मामलों की भी पड़ताल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में किसी प्रकार की शिकायत या आरोप सामने आए थे या नहीं। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आस्था और विश्वास के नाम पर उठे सवाल
इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर उन स्वयंभू बाबाओं को लेकर बहस तेज हो गई है, जो आस्था और विश्वास के नाम पर लोगों के बीच प्रभाव रखते हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और न्यायालय में आरोप सिद्ध होना अभी शेष है। अंतिम सत्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।



