दिशा’ की बैठक में गूंजे जनसमस्याओं के सुर, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने प्रमुखता से उठाए पेयजल और आंगनबाड़ी के मुद्दे
महासमुंद। जिला पंचायत सभाकक्ष महासमुंद में ‘जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति’ (DISHA) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस हाईप्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की माननीय सांसद रूपकुमारी चौधरी द्वारा की गई। बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में बसना विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य रूप से शामिल हुए।बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी व विकास योजनाओं की समीक्षा की गई और क्षेत्र के विकास को गति देने पर गहन मंथन हुआ।
बैठक की शुरुआत करते हुए महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को कसते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी, जब उनका लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। उन्होंने विकास कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने क्षेत्र की जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को बेहद प्रखरता और विस्तार से उठाया । विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने गर्मी और मौसमी बदलाव के कारण ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में उत्पन्न हो रही पेयजल की किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों की गति तेज करने तथा प्रभावित बस्तियों में टैंकरों व अन्य माध्यमों से तत्काल स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की मूलभूत समस्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। विधायक डॉ. अग्रवाल ने कुछ केंद्रों में भवनों की जर्जर स्थिति, बच्चों के लिए पेयजल व शौचालय की कमी और पोषण आहार वितरण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहीं सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने विधायक डॉ. संपत अग्रवाल द्वारा उठाए गए मुद्दों को बेहद संवेदनशील और गंभीर माना। उन्होंने मंच पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों (बॉस/उच्चाधिकारियों) को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता की मूलभूत सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सांसद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय बनाकर पेयजल और आंगनबाड़ियों की समस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण करें, ताकि शासन की योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला कलेक्टर, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समिति के नामांकित सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



