बिजली सप्लाई में निजी क्षेत्र की एंट्री सरकार बिजली कंपनी बेचना चाह रही – दीपक बैज

0
6
कानून व्यवस्था बनाये रखने तथा अपराध रोक पाने में सरकार असफल- दीपक बैज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली सप्लाई के लिए निजी कंपनियों को लाइसेंस देने और आईपीओ लाकर सरकारी बिजली कंपनी में हिस्सेदारी बेचने के सरकार के निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बिजली का वितरण अतिआवश्यक सार्वजनिक सेवा है, इस पर पूरा और प्रत्यक्ष नियंत्रण सरकार का ही होना चाहिए, सीधे तौर पर सरकार के द्वारा ही विद्युत वितरण प्रणाली का संचालित होना चाहिए लेकिय यह सरकार निजी कंपनियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए ही वितरण के मौजूदा नियमों में बदलाव किया जा रहा है, लाइसेंसिंग प्रणाली लागू करना अनुचित है निजी कंपनियों का फोकस केवल अपने मुनाफे पर होगा न कि जन सुविधा पर। पूर्ववर्ती रमन सिंह की सरकार ने पहले सरकारी सरकारी विभाग को सरकारी कंपनी में परिवर्तित किया और अब भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार बिजली सप्लाई का लाइसेंस और आईपीओ बेचने जा रही हैं।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार प्रदेश के स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी को शेयर मार्केट में लिस्टेड करके शेयर के माध्यम से उसको निजीकरण की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को आमजन एवं संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रूपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (लिस्टिंग) किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विद्युत कंपनिया आत्मनिर्भर है, तथा बिजली बनाने का पूरा संसाधन राज्य के पास उपलब्ध है। राज्य में बनने वाली बिजली को वितरण का काम पावर ट्रांसमिशन कंपनी के पास है। सरकार इसका शेयर निकालकर उद्योगपतियो को पिछले दरवाजे से बेचने का प्रयास कर रही है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि राज्य विद्युत वितरण कंपनी को अडानी को सौंपने के उद्देश्य से इसका शेयर निकाला जा रहा है। सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के कारण एक सार्वजनिक कंपनी का आईपीओ निकाला जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महंगी बिजली करने के बाद तथा स्मार्ट मीटर में बेतहाशा वसूली और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद कर आम आदमी को लूटने के बाद भी सरकार विद्युत कंपनी को आत्मनिर्भर नहीं बना पाई। अब विद्युत कंपनी को ही बेचने का षड़यंत्र किया जा रहा है। सार्वजनिक इकाईयों को बेचने की भाजपा की पुरानी फितरत है। मोदी सरकार ने भी देश की 27 से अधिक सार्वजनिक उपक्रमों को बेचा था। राज्य की भाजपा सरकार अब प्रदेश की रीढ़ की हड्डी विद्युत कंपनी को ही बेचने का षड़यंत्र कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here