रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने युवा कांग्रेस के चुनावों में मचे घमासान और अंतर्कलह पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि कांग्रेस के डीएनए में ही गुटबाजी और कुर्सी की लड़ाई बसी हुई है, जो अब युवा कांग्रेस के स्तर पर भी साफ नजर आ रही है। श्री टिकरिहा ने कहा कि यूथ कांग्रेस के चुनाव महज एक दिखावा हैं, दरअसल यह कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई है, जिसमें युवा कार्यकर्ताओं को मोहरा बनाया जा रहा है।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष टिकरिहा ने कहा कि हालिया घटनाक्रम में विधायक देवेंद्र यादव ने कथित तौर पर अपने ही ‘आका’ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उम्मीदवार के सामने अपना प्रत्याशी खड़ा कर दिया है। इससे साबित होता है कि कांग्रेस में वफादारी का कोई मोल नहीं है। यहाँ सिर्फ व्यक्तिगत हितों और गुटबाजी की ही ट्रेनिंग मिलती है। श्री टिकरिहा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस पार्टी को देश के युवाओं के लिए भविष्य की योजनाएँ बनानी चाहिए, वह आपस में ही ‘चूहे-बिल्ली’ का खेल खेल रही है। यह चुनाव नहीं, बल्कि कांग्रेस की ‘चूहा दौड़’ है, जहाँ हर कोई एक-दूसरे को गिराकर आगे बढ़ने की कोशिश में लगा है। अंतर्कलह और अपनों से ही गद्दारी कांग्रेस की पुरानी आदत रही है, और यह यूथ कांग्रेस के चुनावों में खुलकर सामने आ रही है।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष टिकरिहा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि कैसे कांग्रेस पार्टी आपस में ही लड़ रही है! युवाओं का भविष्य दाँव पर लगाकर कांग्रेस के तथाकथित बड़े नेता केवल अपनी साख बचाने और अपने गुट को मजबूत करने में लगे हैं। अब जो पार्टी अपने ही युवा संगठन को एकजुट नहीं रख सकती, वह राज्य या देश के युवाओं को क्या दिशा देगी? श्री टिकरिहा ने छत्तीसगढ़ के युवाओं से अपील की है कि वे कांग्रेस की इस विभाजनकारी और स्वार्थी राजनीति को समझें और ऐसी पार्टी से दूर रहें जो केवल सत्ता के लिए संघर्ष करती है। भाजयुमो युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे किसी भी संगठन का पर्दाफाश करती रहेगी जो युवाओं के नाम पर केवल राजनीति करता है।






