नेपाल और तिब्बत सीमा से लगे पर्वतीय क्षेत्रों में आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) ने भारी तबाही मचाई है। नेपाली पुलिस ने शनिवार (29 अगस्त 2026) को जानकारी दी कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 616 हो गई है, जबकि चीनी सरकारी मीडिया द्वारा पहले 7 लोगों की मौत की पुष्टि किए जाने के बाद इस आपदा में कुल मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा कम से कम 623 तक पहुंच गया है। लापता हुए हजारों लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।
2,500 लोग सुरक्षित निकाले गए
आपदा के चौथे दिन भी खोज और राहत कार्य पूरी मुस्तैदी से जारी रहे। नेपाल में बचाव दलों ने लगभग 2,500 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल सेना के जनसंपर्क निदेशालय के अनुसार, अब तक कुल 2,465 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें 113 भारतीय, 26 चीनी, 15 दक्षिण कोरियाई, 4 जर्मन, इटली और अमेरिका के दो-दो तथा 1 ओमान का नागरिक शामिल है। इसके अलावा, त्रिशूल और रसुवा में विभिन्न हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों से 191 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। नेपाल पुलिस ने एक नोटिस जारी कर यह भी बताया कि राजधानी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला मुख्य सड़क मार्ग ‘मुग्लिंग-काठमांडू हाईवे’ शनिवार को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है।
भारी नुकसान और पुनर्निर्माण के लिए 4 से 5 अरब डॉलर की जरूरत
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आई इस भीषण बाढ़ के बाद देश को दोबारा पटरी पर लाने और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 4 से 5 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि की आवश्यकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभी एक शुरुआती अनुमान है और नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।
इस बीच, प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष (PMDRF) के लिए शुक्रवार रात तक 2.29 अरब नेपाली रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि ये तमाम राशियां देश के 10 अलग-अलग कमर्शियल बैंकों में बने खातों में जमा कराई गई हैं, ताकि पीड़ितों की सहायता में तेजी लाई जा सके।






