रायपुर। घर से नाराज होकर बिना बताए निकला नाबालिग बालक जीशान आखिरकार दो दिन बाद सकुशल अपने परिवार के बीच पहुंच गया। मौदहापारा पुलिस ने तकनीकी जांच, CCTV फुटेज और ट्रेन रूट के बारीकी से विश्लेषण के जरिए मध्यप्रदेश के शुजालपुर से बालक को सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्चे के सकुशल मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और परिवार में खुशी का माहौल लौट आया।
पुलिस के अनुसार 15 सितंबर 2026 को जीशान, पिता मोहम्मद सलीम, किसी बात से नाराज होकर शाम करीब 5 बजे बिना बताए घर से निकल गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन चिंतित हो गए। किसी अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने मौदहापारा थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर बालक की तलाश शुरू कर दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने बालक के संभावित ठिकानों के साथ उसके घर से निकलने के बाद के मूवमेंट को ट्रेस करने का प्रयास शुरू किया।
CCTV से लेकर ट्रेन रूट तक खंगाला
डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल और एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी शक्ति सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले गए। संभावित रास्तों और बालक के आवागमन की जानकारी जुटाने के साथ ही रेलवे से संबंधित रूट और ट्रेनों की भी बारीकी से पड़ताल की गई।
लगातार किए गए प्रयासों के बीच पुलिस टीम को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा और बालक के मध्यप्रदेश के शुजालपुर में होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद मौदहापारा पुलिस ने तत्काल शुजालपुर आरपीएफ से संपर्क कर आवश्यक समन्वय स्थापित किया।
पुलिस-आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में चलती ट्रेन से बरामद
मौदहापारा पुलिस और आरपीएफ शुजालपुर के संयुक्त प्रयासों से जीशान को चलती ट्रेन से सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। बालक के सुरक्षित मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों को दी गई, उनकी चिंता खुशी में बदल गई।
आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चे को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने मौदहापारा पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।
पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी जांच, CCTV फुटेज का विश्लेषण, ट्रेन रूट की निगरानी और आरपीएफ के साथ बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण साबित हुआ। पुलिस टीम की लगातार और समयबद्ध कार्रवाई के चलते नाबालिग जीशान को महज दो दिनों में मध्यप्रदेश से सकुशल बरामद कर परिवार तक पहुंचाया जा सका।






