पत्नी ने पति को कहा ‘मोटा-सांवला’, तलाक की मांग लेकर पहुंचा हाईकोर्ट, फिर…

0
8
पत्नी ने पति को कहा ‘मोटा-सांवला’, तलाक की मांग लेकर पहुंचा हाईकोर्ट, फिर...

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्नी द्वारा पति को ‘मोटा’ और ‘सांवला’ कहना, अपने आप में वैवाहिक क्रूरता या परित्याग साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने पति की तलाक की मांग को खारिज करते हुए जांजगीर-चांपा परिवार न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा।

डिवीजन बेंच ने 18 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए पति की अपील खारिज कर दी। मामले के अनुसार आकाश और पूजा की शादी 7 मार्च 2019 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। पति का कहना था कि शादी के बाद पत्नी करीब तीन महीने तक उसके साथ रही। इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।

पति ने आरोप लगाया था कि पत्नी उसके साथ गलत व्यवहार करती थी और आए दिन उसे छोड़ने की धमकी देती थी। इन्हीं आरोपों को आधार बनाकर उसने परिवार न्यायालय में तलाक की मांग की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि पति की ओर से कई आरोप लगाए गए, लेकिन उन्हें साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए गए। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पत्नी द्वारा पति को ‘मोटा’ और ‘सांवला’ कहे जाने को तलाक के लिए आवश्यक वैवाहिक क्रूरता का पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here