SIR विवाद: CEC ज्ञानेश कुमार पर अभिजीत दीपके का हमला, चुनाव आयोग में मतभेद के दावों से सियासी घमासान

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SIR विवाद: CEC ज्ञानेश कुमार पर अभिजीत दीपके का हमला, चुनाव आयोग में मतभेद के दावों से सियासी घमासान

नई दिल्ली। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग में कथित मतभेदों की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच कांग्रेस जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है।

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए उन्हें “भारत का दुश्मन” बताया। उन्होंने SIR को “Special Intensive Rigging” करार देते हुए दावा किया कि मतदाता सूची से 12 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इस संख्या की तुलना 2024 के लोकसभा चुनाव के आसपास दर्ज करीब 97 करोड़ मतदाताओं से की।

दीपके ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA और विपक्ष के बीच वोट प्रतिशत का अंतर करीब 2 प्रतिशत था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त चुनाव कराने के बजाय “चुनाव की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं।”

चुनाव आयोग के भीतर मतभेद का दावा
यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद और बढ़ा जिसमें चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की ओर से SIR समेत कई मुद्दों पर आपत्तियां जताए जाने का दावा किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने करीब 10 महीनों में 14 बार लिखित रूप से विभिन्न मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। इनमें SIR की प्रक्रिया, फॉर्म-6 में बदलाव, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील, मतदाता सूची की सुरक्षा तथा चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

एक कथित लिखित शिकायत में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने आयोग द्वारा दोनों चुनाव आयुक्तों की लिखित सलाह के विपरीत कार्रवाई किए जाने पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने संबंधित कदम को अधिकार क्षेत्र से बाहर और गैर-कानूनी बताया।

IT सिस्टम की निगरानी को लेकर भी सवाल
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि मतदाता सूची से जुड़े IT सिस्टम की निगरानी के स्तर में बदलाव किए गए थे। सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कथित तौर पर कहा कि काम के बंटवारे में किए गए इन बदलावों की जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई थी। दोनों अधिकारियों ने इन बदलावों को वापस लेने की मांग की थी।

तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में फैसले
भारत के चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दो अन्य चुनाव आयुक्त होते हैं और आयोग के महत्वपूर्ण निर्णय इस तीन सदस्यीय निकाय के स्तर पर लिए जाते हैं। मौजूदा व्यवस्था में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी अन्य चुनाव आयुक्त हैं।

SIR को लेकर सामने आए कथित मतभेदों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से संबंधित आरोपों और रिपोर्ट में किए गए सभी दावों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट करने वाला विस्तृत आधिकारिक जवाब इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।

इस बीच CJP नेता आशुतोष रांका ने भी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों की सूची में उनका नाम ऊपर होगा। विपक्षी नेताओं के इन बयानों के बीच SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है।

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