चाँद का दक्षिणी ध्रुव, रहस्य, विज्ञान और उत्सुकता से भरा है जहाँ आज तक कोई नही पहुँच पाया अगर भारत वहाँ तक पहुचता है तो ये हर भारतीय के लिए गौरव की बात होगी विकास उपाध्याय

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भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के लिए तैयार है। इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा चांद की सतह पर छोड़ा गया चंद्रयान-3 कल 23 अगस्त बुधवार शाम को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला है, जिस पर पूरे देश और दुनिया की नजरें बनी हुई है। मिशन चंद्रयान-3 के सफल होने की कामना को लेकर आज विधायक विकास उपाध्याय ने आयुर्वैदिक कॉलेज के सामने जी रोड स्थित भगवान हनुमान जी मंदिर में हनुमान बाण और हनुमान चालीसा का पवित्र पाठ कराया। भगवान हनुमानजी महाराज को बल (ताकत) का देवता माना जाता है इसलिए आज हमारे चंद्रयान-3 को भी बल (ताकत) की जरूरत है इसलिए आज हम सब काँग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हनुमान जी से प्रार्थना की हमारा चंद्रयान-3 सफल हो और हर भारतीय का सपना पूरा हो । इस दौरान विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि हमारी यही कामना है कि भारत की ओर से अंतरिक्ष की तरफ बढ़ाया गया हर कदम सफल हो, हमारा देश विश्व प्रसिद्ध बने, इसलिए आज हमने यह धार्मिक अनुष्ठान कराया जिसमें काफी संख्या में भक्तगण और शहर वासी उपस्थित हुए।
दुनिया भर के वैज्ञानिक मानते हैं कि चंद्रमा पर इतने गहरे गड्ढे भी हैं, जहां अरबों वर्षों से सूरज की रोशनी नहीं पहुंची है. इन क्षेत्रों में तापमान आश्चर्यजनक रूप से माइनस 248 डिग्री सेल्सियस (-414 फारेनहाइट) तक गिर जाता है। नासा के मुताबिक, चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव रहस्य, विज्ञान और उत्सुकता से भरा है।
आपको बता दे कि 23 अगस्त की शाम को साढ़े पांच बजे के बाद से साढ़े छह बजे के बीच चंद्रयान-3 का लैंडर किसी भी वक्त चांद की सतह पर उतर सकता हैं। ये लैंडर पूरी तरह से ऑटोमैटिक है ऐसे में चांद की सतह पर पहले वो खुद जगह खोजेगा और फिर लैंड करेगा। भारत के चंद्रयान-3 की खास बात ये है कि ये चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा, जहां पर आज तक कोई देश नहीं जा पाया है। ऐसे में इसे लेकर देश-दुनिया की और भी ज्यादा उत्सुकता बढ़ी हुई है।

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