रायपुर, 23 अगस्त। रायपुर के प्रतिष्ठित अत्याधुनिक अस्पताल साई बाबा वूमेंस हॉस्पिटल (एसबीएच हॉस्पिटल) में एक दंपति शादी के 20 वर्षों बाद जुड़वा बच्चों के माता-पिता बने। इस दंपति ने हाल ही में अपने इकलौते जवान बेटे को खो दिया था। यह एक ऐसी त्रासदी थी जिससे इनका परिवार अधूरा हो गया था और दोनो पति व पत्नी भावात्मक रूप से टूट चुके थे। इसके बाद इन्होंने ivf ट्रीटमेंट के जरिए अपने परिवार को पूर्ण करने का निर्णय लिया और सकारात्मक सोच के साथ उन्होंने एसबीएच वूमेंस हॉस्पिटल को चुना। जब महिला एसबीएच वूमेंस हॉस्पिटल में इऩ्फर्टिलिटी (IVF) के उपचार के लिए आई तो उसकी उम्र 41 वर्ष थी। इस महिला को शारीरिक तकलीफें भी थीं, उनका वजन 130 किलो था। 40 से अधिक बीएमआई के साथ उनका यह मोटापा बीमारी की हद तक बढ़ा हुआ था। तब महिला का शरीर गर्भधारण के लिए तैयार नहीं था।एसबीएच वूमेंस हॉस्पिटल के फर्टिलिटी एक्सपर्ट ने उन्हें सबसे पहले वजन घटाने की सलाह दी। कई कोशिशों के बाद भी उन्हें वजन कम करने में सफलता नहीं मिली। आखिर साईंबाबा अस्पताल (एसबीएच वूमेंस हॉस्पिटल) के विशेषज्ञों ने बेरियाट्रिक सर्जरी का फैसला किया।
इसके एक वर्ष बाद एसबीएच वूमेंस हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने आईवीएफ की योजना बनाई। उस महिला में संतान प्राप्ति की तीव्र चाहत और इरादों के प्रति गंभीरता थी। आईवीएफ के पहले चक्र में ही एसबीएच वूमेंस हॉस्पिटलके डॉक्टर्स को सफलता मिल गई। मगर इसमें जटिलता बहुत थी। उन्हें समय से पहले ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी, इसलिए अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। जटिलताओं को देखते हुए समय से पहले ही डिलीवरी हेतु सर्जरी करनी पड़ी। तब महिला की उम्र 41 वर्ष थी। हर तकलीफ के बावजूद उन्हें शादी के 20 वर्षों बाद जुड़वा बच्चे हुए, जिनमें एक बेटा है और एक बेटी। समय पूर्व प्रसव होने के कारण उन्हें एसबीएच वूमेंस हॉस्पिटल के ही बाल्य आपातकालीन इकाई एनआईसीयू में रखना पड़ा। आज दोनों बच्चे स्वस्थ हैं और माता-पिता प्रसन्न हैं।
साई बाबा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल (SBH हॉस्पिटल) के डॉक्टर्स का कहना है, “जीवन में चुनौतियों आती ही रहती हैं। उनसे बचना नहीं चाहिए बल्कि स्वीकार करना चाहिए। आशाओं को कभी नहीं खोना चाहिए, विश्वास बनाए रखना चाहिए क्योंकि उम्मीद पर ही दुनिया कायम है।”
साईबाबा अस्पताल (SBH हॉस्पिटल ) में ऐसे ही कई चुनौतीपूर्ण मामले पहले भी आए हैं। साईंबाबा अस्पताल के विशेषज्ञों ने हर चुनौती को पार करने के लिए कोई न कोई रास्ता निकाला है। हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि किसी को भी यहाँ से निराश होकर न जाना पड़े। एसबीएच वूमेंस हॉस्पिटल में ivf का सक्सेस रेट बहुत ही सराहनीय रहा।
रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर स्थित अत्याधुनिक SBH हॉस्पिटल 15 वर्षों से अधिक समय से चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में योगदान दे रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ यहाँ शिशु रोग विशेषज्ञ की सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। अत्याधुनिक एनआईसीयू आपातकालीन स्थिति में ज़रूरी चिकित्सा सुविधा प्रदान करने में सक्षम है। बदलते समय के साथ-साथ बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सभी ज़रूरी सेवाओं का समावेश साईंबाबा अस्पताल में किया गया है।
इकलौते जवान बेटे को खोने के बाद आशाहीन दंपति IVF से बने जुड़वा बच्चों के माता-पिता
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