तेलंगाना सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इस प्रतिबंध के अनुसार, इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन, और बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई है। यह निर्देश 24 मई 2024 से लागू हो रहा है और इसकी मान्यता एक साल के लिए है।
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुटखा और पान मसाला के सेवन से स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें मुंह के कैंसर, सबम्यूकस फाइब्रोसिस, और अन्य गंभीर बीमारियाँ शामिल हैं।
इस प्रतिबंध के परिणामस्वरूप, तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा का उत्पादन, बिक्री, और उपयोग करने वाले लोगों को अपनी आदतों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस प्रतिबंध के प्राथमिक उद्देश्य के साथ-साथ, सरकार ने औषधि नियंत्रण प्रशासन के अधिकारियों को भ्रामक दावों वाली दवाओं की पहचान करने के लिए भी कड़े कदम उठाए हैं। यहां तक कि वे उन दवाओं की जाँच भी कर रहे हैं जिनके लेबल पर गुर्दे की पथरी और गठिया जैसी बीमारियों का इलाज होने का दावा किया गया है, और जिनका विज्ञापन आपत्तिजनक है।


