फरीदाबाद, 27 नवंबर 2024 / दिल्ली से सटे फरीदाबाद में साइबर अपराधियों ने एक 55 वर्षीय बैंक क्लर्क से लाखों रुपये ठग लिए और उन्हें 56 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। अपराधियों ने खुद को सीबीआई और ट्राई के अधिकारी बताकर पीड़ित को फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसने का डर दिखाया और उनसे पैसा अपने खाते में ट्रांसफर करवाया।
फरीदाबाद के सेक्टर-80 में रहने वाले पीड़ित पूर्व वायुसेना कर्मी और बैंक क्लर्क हैं। घटना 5 अक्टूबर को हुई, जब हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद घर लौटने के अगले दिन सुबह 9:50 बजे उन्हें ‘सीबीआई’ का वीडियो कॉल आया। कॉल पर दो व्यक्तियों ने खुद को सीबीआई के डीसीपी और ट्राई अधिकारी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित के आधार कार्ड से जुड़ा एक फोन नंबर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों में इस्तेमाल हुआ है।
पीड़ित की शिकायत के अनुसार, कॉल पर उन्हें बताया गया कि 6.6 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ है। इसके साथ ही उन्हें असहयोग पर गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। डर के मारे उन्होंने अपराधियों की बात मान ली।
जालसाजों ने उन्हें सेक्टर-81 के एक होटल में रुकने और अपने पंजाब नेशनल बैंक खाते से पांच लाख रुपये आरबीआई जांच के लिए एक स्थानीय खाते में ट्रांसफर करने को कहा। इसके बाद अपराधियों ने पीड़ित से उनके बिहार स्थित एक अन्य बैंक खाते की जानकारी ली और जांच के नाम पर बिहार जाने को मजबूर किया।
बिहार जाते समय अपराधी लगातार वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित पर नजर रखते रहे। गांव पहुंचने पर किसी ने उनका फोन लेकर परिवार को कॉल कर दी, जिससे जालसाजों का नियंत्रण खत्म हो गया। पीड़ित 10 अक्टूबर को फरीदाबाद लौटे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद साइबर पुलिस ने 25 नवंबर को मामला दर्ज किया। ठगों द्वारा डर और दबाव का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाने का यह एक चिंताजनक उदाहरण है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत सूचना देने की अपील की है।


