ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि घूमना-फिरना न केवल स्ट्रेस को कम करता है बल्कि आपकी उम्र भी बढ़ा सकता है। जब आप नई जगहों पर जाते हैं, नए लोगों से मिलते हैं और कुदरत के करीब रहते हैं, तो इसका असर आपके शरीर और दिमाग पर सीधा पड़ता है। रिसर्च के मुताबिक, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और बढ़ती उम्र के असर को 60% तक कम किया जा सकता है।
सोशल होना सेहत के लिए क्यों जरूरी है?
- सोशल लाइफ से मोटापा, बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा 40% तक घटता है।
- इन बीमारियों का आपस में गहरा संबंध है। वजन बढ़ने से बीपी और शुगर का खतरा बढ़ता है, जो आगे चलकर गंभीर समस्याओं को जन्म देता है।
खराब लाइफस्टाइल से बढ़ता डायबिटीज का खतरा
- Odd hours में खाना शरीर की बॉडी क्लॉक को डिस्टर्ब करता है।
- इसका असर लिवर और ब्रेन के कॉर्डिनेशन पर पड़ता है, जिससे इंसुलिन लेवल बिगड़ता है और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
- टाइप-2 डायबिटीज मसल्स को कमजोर करके शरीर को अंदर से खोखला कर सकती है।
डायबिटीज के लक्षण
- बार-बार प्यास लगना और यूरिन आना
- ज्यादा भूख लगना
- वजन का घटना
- चिड़चिड़ापन और थकान
- धुंधला दिखना
डायबिटीज के कारण
- तनाव और बेवक्त खाना
- जंकफूड और पानी कम पीना
- वर्कआउट की कमी और मोटापा
- जेनेटिक कारण
सर्दियों में शुगर को कैसे कंट्रोल करें?
- डाइट पर ध्यान दें और हाई कैलोरी फूड से बचें।
- खुद को गर्म रखें और रोजाना 30 मिनट धूप लें।
- नियमित वर्कआउट करें।
डायबिटीज का इलाज और नियंत्रण
- हफ्ते में 150 मिनट का वर्कआउट शुगर का खतरा 60% तक कम करता है।
- रोजाना 20-25 मिनट एक्सरसाइज करें।
- WHO के मुताबिक, 1 दिन में 5 ग्राम (1 चम्मच) से ज्यादा चीनी न खाएं।
शुगर कंट्रोल करने के आसान उपाय
- खीरा-करेला-टमाटर का जूस और गिलोय का काढ़ा पिएं।
- मंडूकासन और योगमुद्रासन करें।
- 15 मिनट कपालभाति योग करें।
- गुनगुना पानी और खाली पेट नींबू-पानी लें।
- लौकी का सूप, जूस और सब्जी का सेवन बढ़ाएं।
- अनाज और चावल की मात्रा कम करें।
- रोजाना 1 चम्मच मेथी पाउडर और सुबह लहसुन की 2 कली खाएं।
सेहतमंद जीवन का मंत्र
- घूमने-फिरने की आदत डालें।
- सही खानपान और वर्कआउट को लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं।
- छोटी-छोटी आदतें बड़ी बीमारियों से बचाव कर सकती हैं।
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