रायपुर, 14 मार्च – होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, लेकिन इस दौरान आंखों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। होली के रंगों में मौजूद रासायनिक तत्व आंखों के लिए हानिकारक हो सकते हैं और संक्रमण, जलन, खुजली या अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं। छत्तीसगढ़ आई हॉस्पिटल के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक मेहरा ने इस अवसर पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं, जिससे वे सुरक्षित और आनंददायक तरीके से होली मना सकें।
डॉ. मेहरा ने बताया कि बाजार में मिलने वाले कई सिंथेटिक रंगों में लेड, डाई और अन्य हानिकारक रसायन होते हैं, जो आंखों की नाजुक सतह को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन रंगों के संपर्क में आने से जलन, एलर्जी, सूजन और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक और ऑर्गेनिक रंगों का ही उपयोग करने की अपील की और आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस या सुरक्षात्मक चश्मा पहनने की सलाह दी।
अगर रंग या गंदा पानी आंखों में चला जाए, तो आंखों को रगड़ने से बचें और तुरंत स्वच्छ पानी से धोएं। जलन, लालिमा या धुंधलापन महसूस होने पर बिना देर किए नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। डॉ. मेहरा ने विशेष रूप से कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को होली के दौरान लेंस न पहनने की सलाह दी, क्योंकि इससे संक्रमण और कॉर्नियल डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अतिरिक्त, होली खेलने से पहले चेहरे और आंखों के आसपास मॉइस्चराइजर या नारियल तेल लगाने से रंगों को आसानी से हटाया जा सकता है और त्वचा सुरक्षित रहती है। साथ ही, होली खेलने के दौरान बार-बार हाथ धोना और आंखों को छूने से बचना चाहिए। होली के दौरान आंखों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए डॉ. मेहरा ने कहा, “रंगों के इस त्योहार में सुरक्षा की अनदेखी न करें। थोड़ी सी सावधानी आपको गंभीर नेत्र समस्याओं से बचा सकती है और आपके होली के आनंद को सुरक्षित बना सकती है।”
छत्तीसगढ़ आई हॉस्पिटल होली के दौरान किसी भी नेत्र आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। किसी भी नेत्र समस्या के समाधान के लिए तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।
डॉ. मेहरा के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों की आंखें अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए उन्हें खास ध्यान देने की जरूरत है। यदि कोई भी नेत्र संबंधी परेशानी हो, तो उसे हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें।
छत्तीसगढ़ नेत्र चिकित्सालय मध्य भारत की सबसे विश्वसनीय आँखों का अस्पताल है जो विगत 44 वर्षों से भी अधिक समय से लगातार सामाजिक सेवा हेतु कार्य कर रही है ।


