
रायपुर में एक बार फिर नकली पनीर का गोरखधंधा सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गोकुल नगर स्थित एक डेयरी पर छापेमारी की, जहाँ से करीब 1,000 किलो डिब्बाबंद नकली पनीर जब्त किया गया। यह कार्रवाई गुरुवार को की गई।


नकली पनीर क्या होता है?
नकली पनीर असली दूध से नहीं, बल्कि स्टार्च, सिंथेटिक दूध और अन्य रसायनों से बनाया जाता है। इसका स्वाद, बनावट और पोषण मूल्य असली पनीर से काफी अलग होता है।
नकली पनीर कैसे पहचानें?
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बनावट: नकली पनीर आमतौर पर असली की तुलना में ज्यादा सख्त होता है।
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गंध: इसमें रसायनों की तेज और कृत्रिम गंध आ सकती है।
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पानी में घुलनशीलता: नकली पनीर को पानी में डालने पर उसका रंग बदल सकता है या वह टूट सकता है।
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पकाने पर प्रतिक्रिया: असली पनीर पकाने पर नरम रहता है, जबकि नकली पनीर टुकड़ों में टूट सकता है।
नकली पनीर का नुकसान
स्वास्थ्य पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं:

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पेट दर्द और फूड पॉयजनिंग
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त्वचा पर एलर्जी
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लंबे समय तक सेवन करने पर किडनी और लीवर को नुकसान
कहाँ-कहाँ हो रही थी सप्लाई?
खाद्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यह नकली पनीर रायपुर, छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और ओडिशा तक सप्लाई किया जा रहा था।
कार्रवाई क्या होती है?
नकली पनीर बनाने या बेचने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ FSSAI और IPC की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई होती है। इसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करना और जेल की सज़ा तक का प्रावधान है।
पहले भी सामने आया था मामला?
जी हाँ, रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी नकली पनीर के कई मामले सामने आ चुके हैं। जानकारी के अनुसार, आरोपी सौरभ शर्मा पूर्व में भी ऐसे मामलों में शामिल रहा है।




