
वीआईपी ड्यूटी के बोझ तले दबे जवान, आदेश के बावजूद नहीं मिल रही छुट्टी – बढ़ता असंतोष
बलरामपुर। 12वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, रामानुजगंज में जवानों को अवकाश न मिलने की शिकायतों ने तूल पकड़ लिया है। दिनांक 27 मार्च 2025 को बल के सेनानी द्वारा दो दिवस के विशेष अवकाश का आदेश जारी किया गया था, जिसका उद्देश्य जवानों के मानसिक और शारीरिक पुनर्निर्माण को सुनिश्चित करना था। बावजूद इसके, जवानों को इस आदेश का लाभ नहीं मिल पा रहा।


वीआईपी ड्यूटी में उलझे जवान
जवानों का आरोप है कि उन्हें लगातार सरकारी बंगलों की सुरक्षा, मंत्रियों की सुरक्षा और स्थानीय वीआईपी कार्यक्रमों की ड्यूटी में लगाया जा रहा है। इस कारण वे महीनों से छुट्टी के इंतजार में हैं। उनका कहना है कि अवकाश का आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है।
मानसिक संतुलन पर असर, पारिवारिक जीवन प्रभावित
कई जवानों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि बार-बार अवकाश के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जाता। इससे न केवल उनका मानसिक संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि वे अपने परिवार से भी दूर रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं।

गहराता असंतोष, प्रशासन से मांग
बल के भीतर इस स्थिति को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है। जवानों ने उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि दो दिवस के विशेष अवकाश के आदेश को सख्ती से लागू कराया जाए और वीआईपी ड्यूटी में तैनात जवानों को भी इसका लाभ दिलाया जाए। जवानों का कहना है कि अवकाश मिलने से वे मानसिक रूप से अधिक सशक्त होकर ड्यूटी निभा सकेंगे।
प्रशासन की चुप्पी
इस मामले में अब तक बल के उच्चाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जवानों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन जल्द ही कोई ठोस कदम उठाएगा।




