गर्मी में पेयजल संकट पर महापौर मीनल चौबे सख्त, लापरवाह अधिकारियों पर वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
रायपुर। राजधानी में बढ़ती गर्मी और पेयजल संकट को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप की अध्यक्षता में आज निगम मुख्यालय के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जल आपूर्ति व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा की गई।
महापौर ने पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों में अब तक प्रभावी कार्य नहीं होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों को प्रशासनिक दायित्वों का पालन करते हुए नागरिकों को सुगमता से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व से चिन्हित जलसंकटग्रस्त क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान नहीं होना यह दर्शाता है कि अधिकारियों ने गंभीरता से कार्य नहीं किया।
महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जोन अधिकारियों को नोटिस जारी कर पेयजल प्रबंधन सुधारने के निर्देश दिए गए हैं और नियमानुसार वेतनवृद्धि रोकने जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के आदेश दिए गए हैं।
आयुक्त श्री विश्वदीप ने भी निर्देशित किया कि जलागारों में जल भराव की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी वार्ड में संकट की सूचना मिलते ही संबंधित जोन अधिकारी तत्काल उनसे संपर्क कर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस विषय में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्यवाही की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में जलकार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू, शहरी गरीबी उपशमन एवं समाज कल्याण विभाग अध्यक्ष श्री खेम कुमार सेन, अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, श्री विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
महापौर और आयुक्त दोनों ने यह स्पष्ट किया कि राजधानी रायपुर में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।


