केदारनाथ धाम के कपाट खुले, ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

केदारनाथ धाम के कपाट खुले

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भगवान शिव के पावन धाम केदारनाथ के कपाट आज प्रातः 7 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों की ध्वनि और भक्तों के ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति में डूबा नजर आया। इस शुभ अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ मंदिर में उपस्थित रहे और बाबा केदार की विधिवत पूजा-अर्चना की।

कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर को विशेष रूप से 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया था, जिनमें देश-विदेश के 45 प्रजातियों के फूल शामिल थे। इस सजावट में पश्चिम बंगाल से आए 50 कुशल कारीगरों ने योगदान दिया। कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का उल्लास और गहराया।

डोली यात्रा और तैयारियाँ

बाबा केदार की पंचमुखी डोली यात्रा 27 अप्रैल को ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से प्रारंभ हुई थी, जो विभिन्न धार्मिक पड़ावों से होती हुई 1 मई को केदारनाथ पहुँची। यात्रा के स्वागत और कपाटोत्सव के लिए मंदिर परिसर में विशेष तैयारियाँ की गईं—जिसमें साफ-सफाई, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और पुजारियों के आवास की समुचित व्यवस्था शामिल रही।

दर्शन और व्यवस्थाएँ

कपाट खुलने के पहले दिन ही करीब 15,000 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन को पहुँचे। सुबह 10:15 बजे तक 10,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण हेतु टोकन सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत हर घंटे 1,400 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जा रही है। संगम स्थल पर बने 10 टोकन काउंटरों से टोकन वितरित किए जा रहे हैं, जिससे कतारों में लगने वाली भीड़ कम की जा सके। इस बार गौरीकुंड में अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी गई।

सरकार की पहल और सुरक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “चारधाम यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू हो चुकी है। हमारा प्रयास है कि यह यात्रा सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक हो।” उन्होंने कपाट खुलने के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लिया और श्रद्धालुओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देखते हुए केदारनाथ में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में 139 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की तैनाती की गई है। स्थानीय पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बल मिलकर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

चारधाम यात्रा की शुरुआत और भविष्य की अपेक्षाएँ

30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत हो चुकी है। इस वर्ष जून से अगस्त के बीच केदारनाथ धाम में 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। अब तक 7.60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कर लिया है।

केदारनाथ धाम न केवल भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, बल्कि चारधाम और पंचकेदार यात्रा का भी प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहाँ दर्शन करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। कपाट खुलते ही मंदिर में रुद्राभिषेक, शिवाष्टक, केदाराष्टक और शिव तांडव स्तोत्र जैसे मंत्रों का उच्चारण किया गया, जिसने भक्तों को एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की।

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