“गांव चलो, बस्ती चलो” अभियान में दिखा सादगी और संजीदगी का मेल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बनीं जनता की आवाज ,जनता के बीच ज़मीन पर बैठकर सुनी बातें
सरगुजा – “गांव चलो, बस्ती चलो” अभियान के तहत शुक्रवार को सरगुजा जिले में कुछ ऐसा दृश्य देखने को मिला, जो आज के दौर में बिरला है। न कोई मंच था, न माइक… कैबिनेट मंत्री और भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े खुद बीहड़ और दूरदराज़ गांवों में पहुंचीं, ज़मीन पर बैठीं, लोगों की समस्याएं सुनीं और तत्काल एक्शन में नजर आईं।
मंत्री ने कहा – अब ये ढिलाई नहीं चलेगी
दौरे की शुरुआत ओड़गी ब्लॉक के ग्राम दूधो से हुई, जहां लोगों ने सबसे पहले पेयजल संकट की शिकायत की। गांव प्यासा था लेकिन जल संसाधन विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नाराज़गी जताते हुए एसडीओ को फटकार लगाई और सख्त लहजे में कहा, “गांव प्यासा है और अधिकारी नदारद, अब ये ढिलाई नहीं चलेगी।” उन्होंने मौके पर ही नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जिससे पूरे महकमे में हलचल मच गई।
राशन कार्ड घोटाले पर मंत्री की सख्ती
ग्राम पंचायत बिलासपुर की चौपाल में ग्रामीणों ने शिकायत की कि राशन कार्ड बनवाने के एवज में सेल्समेन पैसा मांगता है। मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी को लताड़ा और चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसी शिकायत मिली तो उसका लाइसेंस रद्द कर जेल भेजा जाएगा। यह सुनकर कर्मचारी के चेहरे का रंग उड़ गया जबकि ग्रामीणों को राहत मिली।
पटवारी पर भी गिरी गाज
ग्रामीणों ने पटवारी पर फौती और नामांतरण के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया। मंत्री ने तहसीलदार ओड़गी को तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि अब जनता को बेवजह चक्कर कटवाने वाला सिस्टम नहीं चलेगा।
भकुरा और माढ़र गांव में उठी बुनियादी जरूरतों की आवाज
भकुरा और माढ़र गांव में ग्रामीणों ने सड़क, राशन, पेंशन और आवास जैसी बुनियादी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए और कहा कि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारी चिन्हित किए जाएंगे।
जनता के बीच ज़मीन पर बैठकर सुनी बातें
इस दौरे में सबसे खास बात रही कि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किसी मंच या कुर्सी का सहारा नहीं लिया। वह सीधे ग्रामीणों के बीच ज़मीन और पत्थरों पर बैठीं और एक-एक व्यक्ति से संवाद किया। लोगों को पहली बार महसूस हुआ कि उनकी आवाज़ सच में सरकार तक पहुंची है।
लापरवाही अब नहीं होगी बर्दाश्त
चौपाल में जल संसाधन, वन, कृषि, स्वास्थ्य, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ग्रामीण क्षेत्रों में अब कोई कोताही नहीं चलेगी। जो जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” ग्रामीणों के चेहरों पर सालों बाद संतोष और उम्मीद की चमक देखी गई।


