
सक्ती जिला।
सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को अचानक सक्ती जिले के ग्राम करिगांव पहुंचे। उन्होंने गांव में पीपल के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और मांगें सुनीं।


चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने नोनी मैया दाई मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की और गांव में नया पंचायत भवन निर्माण कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने पटवारी को सप्ताह में एक दिन गांव में उपस्थित रहकर राजस्व संबंधी मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “सुशासन तिहार के तीसरे चरण में पूरी सरकार गांवों में जाकर यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत चलाई जा रही योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।” उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, पीडीएस और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से गंभीर बीमारियों की स्थिति में ग्रामीणों को 5 लाख रुपए तक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का जायजा लिया और बच्चों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री साय ने किसानों से कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की ओर ध्यान देने की अपील की। वहीं, गांव के तालाब किनारे की भूमि को लेकर प्राप्त शिकायत पर उन्होंने कलेक्टर को तत्काल नापजोख कर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और सचिव पी. दयानंद भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री के अचानक गांव पहुंचने से ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल रहा। चौपाल में सरपंच कंचन मधुकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।




