
जांजगीर /सुशासन तिहार के अंतर्गत ‘संवाद से समाधान’ की भावना को साकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को जांजगीर का आकस्मिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिले को एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान करते हुए नव-निर्मित तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। यह भवन 4 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होकर जनता को समर्पित किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आम जनता को सरकारी सेवाएं सरल, सहज और सुगमता से उपलब्ध हों। यह नवीन तहसील कार्यालय उसी दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने बताया कि इस भवन के माध्यम से क्षेत्र के 54 गांवों और 24 पटवारी हल्कों के नागरिकों को राजस्व से संबंधित सभी आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में प्राप्त होंगी।
इतिहास से आधुनिकता की ओर:

गौरतलब है कि वर्तमान भवन से पहले का तहसील कार्यालय वर्ष 1883 में अंग्रेजी शासन काल में निर्मित हुआ था, जो अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है। नवीन भवन न केवल भौतिक संरचना में आधुनिक है, बल्कि इसमें प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के कुशल संचालन हेतु समस्त सुविधाएं विकसित की गई हैं।
सुविधाओं से सुसज्जित आधुनिक कार्यालय:
नवीन भवन में जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए लोक सेवा केंद्र, दस्तावेजों के आवक-जावक की शाखा, न्यायालयीन दस्तावेजों के लिए नजीर शाखा, निर्वाचन शाखा, कानूनगो शाखा और मालजमादार कक्ष सहित सभी आवश्यक इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित सभी अधिकारियों के लिए आधुनिक कार्य कक्षों की व्यवस्था भी की गई है।
उल्लेखनीय उपस्थिति:
लोकार्पण कार्यक्रम में राज्य के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल, विधायक श्री व्यास कश्यप, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री पी. दयानंद सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।




