छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर में नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ‘नगर सुराज संगम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, सभापतियों, एमआईसी सदस्यों और वरिष्ठ अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा, “आपके शहर ने आपको स्नेह, सम्मान और पहचान दी है, अब समय है कि आप अपने कार्यों से अपने शहर को कुछ लौटाएं।”
शहरों के विकास के लिए साझा किया गया स्पष्ट रोडमैप
कार्यशाला के पहले दिन नगर निकायों की आगामी पांच वर्षों की विकास योजनाओं पर गहन मंथन किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अपने संबोधन में सुनियोजित और सुव्यवस्थित नगरीय विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से संसाधनों के बेहतर उपयोग, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और देश-विदेश में स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों के उदाहरण साझा किए।
उन्होंने कहा, “आप सभी जनप्रतिनिधि अब अपने-अपने शहरों के नेतृत्वकर्ता हैं। आपके कार्यों से न सिर्फ आपके शहर की, बल्कि पूरे प्रदेश की छवि बनती है। इसीलिए ज़रूरी है कि आप प्रभावी कार्ययोजना बनाएं और शहरों को स्वच्छ, सुंदर व नागरिकों के लिए सुविधापूर्ण बनाएं।”
‘नगर सुराज संगम’: संवाद और सीखने का साझा मंच
नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यशाला नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं, नगरीय अधिनियमों और नगरीय शासन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी देने का माध्यम है। यह मंच जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच दोतरफा संवाद का अवसर भी प्रदान करता है।
इस अवसर पर नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री आर. एक्का, सुडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और सुडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त भी उपस्थित थे।
‘मार्गदर्शिका बुकलेट’ का विमोचन
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा तैयार ‘मार्गदर्शिका बुकलेट’ का विमोचन भी किया। इस बुकलेट में नगरीय प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं, विभागीय दिशा-निर्देश एवं उपलब्धियां समाहित की गई हैं, जो जनप्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री होगी।
कार्यशाला का दूसरा दिन: नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों पर केंद्रित
कार्यशाला के दूसरे दिन 6 मई को प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के नवनिर्वाचित अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके लिए भी आगामी पांच वर्षों की विकास कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श होगा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी नगर निकायों के अध्यक्षों को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर कार्यशाला में सहभागी बनने का आग्रह किया है।


