जेल में बंद रवि साहू के गुर्गों का खुला नशा कारोबार, कालीबाड़ी में गांजा, सट्टा और शराब की बिक्री जारी
रायपुर। राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कालीबाड़ी इलाके में जेल में बंद कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रवि साहू के गुर्गे खुलेआम गांजा, सट्टा और अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। इस अवैध गतिविधि में प्रमुख रूप से प्रदीप चौहान, अरुण और कृष्णा साहू उर्फ गोलू , और विक्रम शामिल होने की जानकारी सामने आई है। आप को बता दे कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विक्रम बघेल पहले भी मर्डर केस में जेल जा चुका है और 307 में भी शामिल रहा है लेकिन थाने से ही उसको छोड़ दिया गया था
बता दें कि कालीबाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से रवि साहू के नेटवर्क द्वारा नशे और अवैध धंधों का संचालन किया जा रहा था। रायपुर पुलिस ने इस पर कार्रवाई करते हुए रवि साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि, जेल में बंद होने के बावजूद उसके गुर्गे अब भी खुलेआम यह अवैध कारोबार चला रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में आक्रोश है।
कई थानों में दर्ज हैं केस, फिर भी बेखौफ गुर्गे
रवि साहू पर शहर के विभिन्न थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बावजूद इसके, उसके सहयोगियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वे बेखौफ होकर नशे का जाल फैला रहे हैं।
प्रदीप साहू पर हत्या का आरोप
इस गिरोह का एक सदस्य प्रदीप साहू, माना क्षेत्र में हुई एक हत्या का आरोपी रह चुका है। इसके बावजूद वह खुलेआम इलाके में अवैध कारोबार में सक्रिय है, जो कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी
इलाके के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और समाज को नशे के जाल से बचाया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इन पर कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
समाज और प्रशासन को मिलकर उठाना होगा कदम
विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि नशे और अपराध के इस जाल को तोड़ने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई काफी नहीं, बल्कि समाज को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है और अपराधियों के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में कितनी तत्परता दिखाता है।


