कथा वाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा चित्रगुप्त भगवान पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर कायस्थ समाज में आक्रोश, FIR की मांग की मांग तेज

0
86

 कथा वाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा चित्रगुप्त भगवान पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर कायस्थ समाज में आक्रोश, FIR की मांग की मांग तेज

 धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप, 

 

महाराष्ट्र के बीड जिले में चल रही कथा के दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक श्री प्रदीप मिश्रा द्वारा कायस्थ समाज के आराध्य भगवान श्री चित्रगुप्त जी के संबंध में कथित रूप से अभद्र भाषा और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किए जाने को लेकर कायस्थ समाज में गहरा रोष व्याप्त है। इस घटना को लेकर समाज के लोगों ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए संबंधित कथा वाचक और आयोजकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

 क्या है मामला?

बताया जा रहा है कि दिनांक 14 जून 2025 को बीड (महाराष्ट्र) में चल रही कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा द्वारा भगवान श्री चित्रगुप्त जी के लिए “मुद्देदार” जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, साथ ही उन्हें “तू-तड़ाक” कहकर संबोधित किया गया, जो न केवल अशोभनीय था बल्कि जानबूझकर कायस्थ समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना जा रहा है।

कायस्थ समाज ने इस कृत्य को ईश्वर का अपमान और प्राचीन धार्मिक व्यवस्था का मज़ाक बताते हुए कहा कि भगवान चित्रगुप्त उन देवताओं में हैं जिनका उल्लेख वेदों एवं पुराणों में स्पष्ट रूप से मिलता है, और जो सृष्टि के प्रत्येक प्राणी के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखते हैं। ऐसे देवता के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग निंदनीय है। 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो इंटरनेट एवं सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है, जिससे देशभर के कायस्थ समुदाय में आक्रोश फैल गया है। समाज के लोगों का कहना है कि प्रदीप मिश्रा और कथा आयोजकों ने मिलकर यह कार्य किया है और समाज की धार्मिक एकता पर कुठाराघात किया है।

 कानूनी कार्यवाही की माँग

समाजजनों ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इस पूरे घटनाक्रम में प्रदीप मिश्रा एवं आयोजकगणों ने ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 200 एवं 302’ के तहत दुर्विनियोग कर सामाजिक विद्वेष फैलाने का प्रयास किया है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धारा 299, 302 व अन्य सुसंगत धाराओं में FIR पंजीबद्ध कर सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।

 कायस्थ समाज का वक्तव्य

कायस्थ समाज के प्रतिनिधियों का कहना है:

“हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी के आराध्य देवता का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह समाज के एक बड़े वर्ग की आस्था पर हमला है, जिसके लिए प्रदीप मिश्रा को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और प्रशासन को उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।”

https://hn24.in/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251218-WA0003.jpg

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here