बड़ी खबर : सर्व समाज की 5 प्रमुख मांगो को लेकर 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान

0
74

बड़ी खबर : सर्व समाज की 5 प्रमुख मांगो को लेकर 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान

रायपुर। सर्व समाज, छत्तीसगढ़ ने प्रदेश में लगातार हो रहे सामाजिक, जातीय एवं जनजातीय आस्था पर हमलों और सांस्कृतिक टकराव के विरोध में 24 दिसंबर 2025 को प्रदेशव्यापी छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। सर्व समाज ने स्पष्ट किया है कि यह बंद पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न सामाजिक, जनजातीय एवं नागरिक संगठन सहभागिता करेंगे।

सर्व समाज ने कहा कि कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हाल ही में हुई धरना-प्रदर्शन की घटना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी छत्तीसगढ़ के जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी इस प्रकार के विवाद सामने आते रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि एक निश्चित पैटर्न के तहत ईसाई मिशनरियों एवं उनसे जुड़े कन्वर्जन-प्रेरित समूहों द्वारा सुनियोजित तरीके से सामाजिक तनाव और वैमनस्य की स्थिति निर्मित की जा रही है, जिसका खामियाजा विशेष रूप से जनजातीय समाज को भुगतना पड़ रहा है।

सर्व समाज ने आरोप लगाया कि आमाबेड़ा की घटना में पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत संरक्षित जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका, जनजातीय आस्था और परंपराओं की संवैधानिक सुरक्षा की अनदेखी की गई। स्थानीय विरोध के बावजूद जिला पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता, भीम आर्मी जैसे बाहरी संगठनों की भूमिका और कथित पक्षपातपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाइयों ने पुलिस-प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

इन परिस्थितियों को देखते हुए सर्व समाज, छत्तीसगढ़ ने शासन के समक्ष अपनी पांच प्रमुख मांगें रखी हैं—

राज्य में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को शीघ्र प्रभावी एवं सख्ती से लागू किया जाए, ताकि प्रलोभन, दबाव या जबरन कराए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लग सके।

कांकेर जिले में जनजातीय समाज पर हुए कथित संगठित हमले के लिए जिम्मेदार भीम आर्मी से जुड़े तत्वों एवं कन्वर्जन-प्रेरित ईसाई समूहों के आरोपियों पर कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाए।

शांतिपूर्ण ग्रामीणों पर कथित अत्यधिक पुलिस बल प्रयोग और पक्षपातपूर्ण व्यवहार के आरोपों को देखते हुए कांकेर के पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।

शव दफन प्रक्रिया के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोपों में एसडीएम ए.एस. पैकरा एवं तहसीलदार सुधीर खलखो को निलंबित कर उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

जनजातीय ग्रामीणों पर दर्ज किए गए आपराधिक प्रकरणों को वापस लिया जाए तथा हिंसा और बल प्रयोग से प्रभावित ग्रामीणों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

सर्व समाज, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों, जनजातीय आस्था, सामाजिक समरसता और कानून के शासन की रक्षा के लिए है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन समय रहते निष्पक्ष और ठोस निर्णय नहीं लेता है, तो आंदोलन को लोकतांत्रिक और कानूनी दायरे में और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

https://hn24.in/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251218-WA0003.jpg

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here