सूरजपुर में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष की गुंडागर्दी: जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र यादव पर मोबाइल लूटने और पीढ़ी ठंडा करने’ की धमकी देने का केस दर्ज

सूरजपुर: जिले में सत्ता और पद का नशा किस कदर हावी हो सकता है, इसका ताजा उदाहरण जयनगर थाना क्षेत्र में देखने को मिला है। यहाँ खुद को युवा कांग्रेस का जिलाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य बताने वाले नरेंद्र यादव पर आम जनता की सुरक्षा करने के बजाय गुंडागर्दी करने, सबूत मिटाने के लिए मोबाइल लूटने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं।
पुलिस ने नरेंद्र यादव समेत 7 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है।
क्या है मामला:
घटना 6 दिसंबर की है, जिसकी रिपोर्ट पीड़ित आकाश राय ने दर्ज कराई है। FIR के मुताबिक, जब पीड़ित के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे और उसका दोस्त घटना का वीडियो बना रहा था, तभी वहां जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र यादव अपने लश्कर के साथ पहुंचे। आरोप है कि एक जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद नरेंद्र यादव ने झगड़ा शांत कराने के बजाय पीड़ित को धमकाते हुए कहा, “तुम्हें और तुम्हारी पीढ़ी को ठंडा कर देंगे।”
सबूत मिटाने के लिए मोबाइल लूटा और तोड़ा:
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष की दबंगई यहीं नहीं रुकी। आरोप है कि अपनी करतूत कैमरे में कैद होते देख नरेंद्र यादव ने पीड़ित का 15,000 रुपये कीमत का मोबाइल (Realme 12 Pro Plus) छीन लिया और उसे जमीन पर पटककर चकनाचूर कर दिया, ताकि वीडियो डिलीट हो जाए। इसके बाद वे मोबाइल और सिम अपने साथ ले गए।
इन धाराओं में नपे ‘नेताजी’:
खुद को कानून से ऊपर समझने वाले नरेंद्र यादव और उनके साथियों (बिष्णु विश्वास, आकाश सरकार, सोनू दास, सोन्टी विश्वास, भोला बाईन, पलास राय) पर पुलिस ने BNS की धारा 296, 115(2), 351(3), 190, 191(2) और 324(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस घटना ने जिले में कांग्रेस नेता के चाल और चरित्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या जनता ने उन्हें ‘पीढ़ी खत्म करने’ की धमकी देने के लिए चुना था?


