पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का आरोप करीबी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए निविदा शर्तों में गड़बड़ी का
2500 करोड़ की पीएम सड़क योजना निविदा पर उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग
रायपुर। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) फेस–4 के तहत लगभग 2500 करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय मंत्रियों सहित संबंधित विभागों को शिकायत पत्र भेजकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
ननकीराम कंवर का आरोप है कि प्रभारी प्रमुख अभियंता के.के. कटारे द्वारा सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने और अपने करीबी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निविदा की शर्तों में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, लेकिन इस महत्वपूर्ण योजना में पारदर्शिता के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई फेस–4 के अंतर्गत एनआईटी क्रमांक 1076, 1077, 1078, 1079, 1080, 1081 एवं 1082 में अघोषित साझेदारी वाली कंपनियों—मेसर्स हिलब्रो प्रोजेक्ट लिमिटेड, मेसर्स सुनील अग्रवाल एवं मेसर्स रत्ना खनिज प्रा. लिमिटेड—को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री कंवर ने निविदा शर्तों की कमियों को बिंदुवार उजागर करते हुए कहा कि पहले भी के.के. कटारे के खिलाफ प्रधानमंत्री सड़क योजना में गड़बड़ी को लेकर प्रमाणिक शिकायतें की गई थीं, लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण कोई जांच नहीं हो सकी।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि यह मामला आदिवासी क्षेत्रों की सड़कों से जुड़ा हुआ है, इसके बावजूद पद का दुरुपयोग कर नियमों के विरुद्ध चहेते ठेकेदारों को अधिक दर पर निविदा दिलाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप है, उनके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर शिकायतें लंबित हैं, इसलिए इस पूरे मामले में निष्पक्ष सीबीआई जांच बेहद जरूरी है।
भाजपा एसटी मोर्चा ने किया समर्थन
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र माहला ने भी ननकीराम कंवर के आरोपों का समर्थन किया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर पीएमजीएसवाई फेस–4 की निविदा शर्तों में गड़बड़ी का आरोप लगाया और इसके लिए प्रभारी प्रमुख अभियंता के.के. कटारे को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होंने सीबीडी नियमों के अनुसार पारदर्शी निविदा जारी करने की मांग की है।
बिल्डर्स एसोसिएशन ने भी जताई आपत्ति
बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, रायपुर सेंटर के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने भी महानिदेशक एनआरआईडीए (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) से शिकायत की है। उन्होंने अपनी शिकायत में एनआईटी क्रमांक 1076 एवं 1077 से 1082 के तहत जारी निविदा दस्तावेजों में कई विसंगतियों का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि जो शर्तें जोड़ी गई हैं, वे राष्ट्रीय खरीद मानदंडों के अनुरूप नहीं हैं, जिससे ठेकेदारों की निष्पक्ष और पारदर्शी भागीदारी प्रभावित हो रही है।
इस पूरे मामले ने पीएम ग्राम सड़क योजना फेस–4 की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


