
‘सेवा तीर्थ’ से चलेगी अब देश की सत्ता


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए सरकारी परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस परिसर से अब (PMO), (NSCS) और का संचालन किया जाएगा।
देश की सत्ता और प्रशासनिक फैसलों का दशकों पुराना गवाह रहा अब इतिहास बनने की कगार पर है। शुक्रवार, 13 फरवरी को ‘सेवा तीर्थ’ परिसर के उद्घाटन के साथ ही प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इसे सिर्फ दफ्तर बदलने का कदम नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

के तहत तैयार किए गए इस अत्याधुनिक परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को एक ही स्थान पर स्थापित किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी और सरकारी ब्रीफिंग के अनुसार, इस कदम से प्रशासनिक दक्षता, समन्वय और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
‘सेवा तीर्थ’ परिसर को आधुनिक, डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से लैस किया गया है, जिसमें स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और ऊर्जा दक्ष प्रणालियाँ शामिल हैं। इससे शीर्ष सरकारी संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल और तेज कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।




