चर्च में बवाल! पास्टर सस्पेंड, सचिव पर गिरी गाज — CNI डायोसिस का बड़ा एक्शन
रायपुर | छत्तीसगढ़ के चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI) डायोसिस में उस वक्त हलचल मच गई, जब एक ही दिन में पास्टर पर सस्पेंशन और सचिव पर सख्त कार्रवाई का फरमान जारी कर दिया गया। डायोसिस के इस कदम ने पूरे चर्च समुदाय में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
“अनुशासन तोड़ा तो कार्रवाई पक्की” — पास्टर पर सीधा वार
एम्मानुएल चर्च, विश्रामपुर के प्रेस्बिटर-इन-चार्ज रेव. समशेर सैमुअल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप हैं — आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार।
डायोसिस की बैठक में लिए गए इस फैसले के बाद साफ संदेश दिया गया है कि नियमों से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सस्पेंशन के साथ ही पास्टर को रायपुर डायोसिस ऑफिस में ही रहना होगा, बिना अनुमति कहीं जा नहीं सकते और जांच समिति के सामने पेश होना अनिवार्य होगा।
चर्च की कमान बदली — नए चेहरे की एंट्री
ड्रामा यहीं खत्म नहीं होता।
तुरंत प्रभाव से रेव. शैलेश ल्यूक सोलोमन को चर्च की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। वहीं, रेव. पवन कुमार सैमुअल को रविवार की आराधना सेवा संभालने का आदेश दिया गया है।
अब सच सामने लाएगी जांच कमेटी
पूरा मामला अब तीन सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के हवाले है। यह कमेटी हर पहलू की जांच करेगी और उसी के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई तय होगी।
सचिव पर भी गिरी गाज — लेकिन खेल थोड़ा अलग
चर्च के सचिव विकास पॉल को “Member Not in Good Standing” घोषित कर दिया गया है।
कारण — बिना अनुमति एक सार्वजनिक प्रदर्शन में हिस्सा लेना और चर्च का नाम इस्तेमाल करना।
हालांकि, उन्हें चर्च आने से नहीं रोका गया है, लेकिन उनकी साख और प्रशासनिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ा है।
डायोसिस का सख्त संदेश
इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि डायोसिस अब अनुशासन के मामले में कोई ढील देने के मूड में नहीं है।
“नियम तोड़ोगे, तो कार्रवाई झेलनी पड़ेगी” — यही इस फैसले का सीधा संदेश माना जा रहा है।
अब सबकी नजर जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है।
क्या सस्पेंशन हटेगा? या और बड़ा एक्शन होगा?
फिलहाल, चर्च की राजनीति और प्रशासन दोनों ही उबाल पर हैं।


