वियतनाम में आशना दिल्लीवार द्वारा दक्ष यज्ञ की मनमोहक प्रस्तुति
नृत्यधाम कला समिति भिलाई द्वारा इंटरनेशनल कल्चरल हारमनी के तहत वियतनाम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हमारे शहर की कथक नृत्यांगना सुश्री आशना दिल्लीवार ने शिव स्तुति एवं दक्ष यज्ञ का शानदार प्रदर्शन किया एवं खूब तालिया बटोरी ।
आशना ने इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से विद की शिक्षा ग्रहण की है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व भी आशना ने विभिन्न शासकीय एवं प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर कथक की मनमोहक प्रस्तुतिया दे चुकी है।16 वर्षीय आशना प्रदेश की उभरती हुई कत्थक नृत्यांगना है। उन्होंने छह वर्ष की अल्प आयु से ही रायपुर में अपने गुरु डॉ राजश्री नामदेव एवं श्रीमती अंजनी ठाकुर से कथक का प्रशिक्षण लेना प्रारंभ कर दिया था एवं गुरू विदुषी दुर्गा आर्या जी (पद्मश्री श्री बिरजु महाराज की शिष्या) से कथक नृत्य का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। वर्तमान में आशना नृत्य गुरू श्री तरूण शर्मा जी से नृत्य की बारीकियां सीख रही हैं। आशना देश विदेश में लगभग 95 से भी ज्यादा प्रतिष्ठित मंचों पर अपने कत्थक की प्रस्तुति दे चुकी है। उन्हें विभिन्न नृत्य/संगीत की संस्थाओं द्वारा प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है जिनमें अंतर्राष्ट्रीय मेंधकर सम्मान, नेशनल विभूति सम्मान, नृत्योदय सम्मान, चक्रप्रिया नृत्यश्री सम्मान, नृत्य सागर संगम सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय नृत्य विभूषण, राष्ट्रीय नीलाद्री सम्मान, नृत्यकला रंजीता सम्मान, नृत्य गुंजन सम्मान, कलामणि नृत्य-रत्न सम्मान, राष्ट्रीय कला वैभव सम्मान, कला रत्न सम्मान एवं कला अंभिरा सम्मान आदि प्रमुख है।
आशना की कला को देश भर की कई सामाजिक संगठनो द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सराहा गया है।



