सड़क पेंचवर्क की सुस्ती से भड़के महापौर  लगाया 25 हजार का जुर्माना

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मैनुअल पद्धत्ति से पेंचवर्क कर उसकी क्वालटी चेक की जाएगा, अच्छी निकली तो मैनुअल ही होगा काम
रायपुर। महापौर एजाज ढेबर ने आज लोककर्म विभाग की 10 सूत्री एजेंडा लेकर बैठक ली। सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत में हो रही लेटलतीफी पर वे जमकर भड़के। ठेकेदार पर उन्होंने 25 हजार का जुर्माना लगाते हो उसे ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी भी दी।
निगम मुख्यालय भवन में आज शाम हुई इस बैठक में एमआईसी सदस्य ज्ञानेश शर्मा, सुंदर जोगी, अपर आयुक्त अभिषेक अग्रवाल तथा अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सबसे पहले सड़कों के पेंचवर्क पर चर्चा की गई। दिल्ली की एक कम्पनी जो कि रोड डॉक्टर मशीन लेकर आई है उसके प्रतिनिधि को भी बैठक में बुलाया गया था। उसका कहना था कि हर दिन 80 वर्गफीट सड़क का पेंचवर्क किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा कि एक और मशीन आ गई है जो एक दो दिन में काम करना शुरू कर देगा। मौसम का हवाला देकर काम की रफ्तार में कमी आने का बहाना किया तो महापौर भड़क गए। उन्होंने कहा कि मार्च अप्रैल माह में तो मौसम बढ़िया था। तब भी काम की रफ्तार सुस्त थी। इस पर उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी दस जोनों के अधिकारियों से जोनों की डामर वाली सड़कों पर गड्ढों की संख्या पूछी। सभी जोनों को मिलाकर शहर भर में 1294 गड्ढे होने की बात सामने आई। गड्ढों की संख्या पर भी वे संतुष्ट नहीं दिए। कहा कि संख्या बहुत ज्यादा है और रोड डॉक्टर मशीन की संख्या नहीं बढ़ी तो गड्ढों के मरम्मत में बहुत समय लग जाएगा। बैठक में एक और डामर ठेकेदार को बुलाया गया था। उसके द्वारा पेवर मशीन से गड्ढा मरम्मत का कार्य किया जाता है। उससे कहा गया कि आमापारा चौक से लाखेनगर चौक तक के आठ दस गड्ढे भरा जाए। ये काम उसे एक दो दिन के भीतर ही करने कहा गया। इसके बाद उन भरे हुए गड्ढों के क्वालिटी की जांच की जाएगी। क्वालिटी बढ़िया निकली तो सभी जोनों में भी ऐसा ही कार्य करने के लिए कहा जाएगी। रोड डॉक्टर मशीन से अधिक रफ्तार से पिचिंग मशीन कार्य करती है। इससे गड्ढे बहुत जल्द भरे जाएंगे।
महापौर निधि मद पर चर्चा करते हुए एमआईसी सदस्य श्री शर्मा भी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि जोनों से फाइलें आकर मुख्यालय में अटक जाती है। उन फाइलों को खोजना पड़ता है। उन्होंने कहा किआम नागरिकों को सुविधाओं के लिए काम किये जाते हैं। फाइलें अटकनी नहीं चाहिए। पंद्रह लाख निधि मद, विकास शुल्क, सड़क बाधा शुल्क, संधारण मद , डामर वाली नई सड़कों जैसे विषयों पर भी बैठक में चर्चा की गई।

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