
रायपुर : नन्हे मुन्ने की अठखेलियाँ निहारते आंखें ये जतला रहे थी की सिर्फ दो वक़्त का खाना मिलने से जीवन नहीं कटता ण. थोड़ा सा प्यार थोड़ा सा अपनापन लेकर जब लिटिल मिलेनियम प्रियदर्शनीनगर के बच्चे जलविहार में स्थित हेल्पेज इंडिया के वृद्धाश्रम में पहुंचकर दादा,दादी ,नाना,नानी कहकर बुजुर्गो को मान दे रहे थे तो निश्छल आँखें भरआयी थी . मौका था चिल्ड्रेन्स डे का जो स्कूल उन 38 लोगो के साथ मानना चाहता था जो अपने परिवार से दुर्भाग्यवश दूर हो गए हैं.
नन्हे कदमो ने आज अपनी संस्कृति का परिचय देते हुए कार्यक्रम के शुरुवात सबके अभिवादन से करी .स्टोरी योगा व चिकन डांस से वाहन मौजूद सबको मंत्र मुग्धा कर दिया। टॉइलटेरिएस (नहाने का साबुन,कपडा धोने का साबुन ,सर्फ़ टूथपेस्ट इत्यादि ) का वितरण नन्हें हांथो से करवाया गया। जैसे घर में मौजूद बड़े बुजुर्ग मेहमान का स्वागत करते हैं ठीक वैसे हे आश्रम में उपस्थित बड़ों ने बच्चो का उत्साह चिल्ड्रन डे में गुलाब का फूल देकर बढ़ाया। हेल्पेज इंडिया के स्टेट हेड शुभांकर बिस्वास व प्रोजेक्ट हेड सुरभि ने बच्चो को हैंड बैंड भेंट करा।
नन्हें बच्चो ने जतला की कोशिश करी कि उनका वजूद हम सबके लिए आज भी माने रखता है ण्बच्चो का ये निश्छल प्यार देखकर इन वृद्जनो ने कुछ पालो के लिए ही सही अपने गम भूलकर कुछ बेहतरीन लम्हे गुज़ारे .
स्कूल की डायरेक्टर अनुभूति श्रीवास्तव ने बताया की चिल्ड्रनस डे पर हम चाहते हैं हम बच्चो को समझा पाएं कि हमे बड़ो का आदर सामान करना चाहिए ण्हम ने चिल्ड्रेन्स डे उन लोगो के साथ मानना चुना जिनके लिए ये किलकारियांऔर मुस्कान सबसे ज्यादा महत्त्व रखते है. हमारी कोशिश है कि हम बच्चो के चौमुखे विकास करके उनको बेहतरीन नागरिक बना पाएं.






