पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में 10 लाख बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी, किन्तु कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद, सरकार के साढ़े चार साल गुजरने के बाद आख़री छ: महीनों में कांग्रेस बेरोजगारी भत्ता देने की बात कह रही है, इससे कांग्रेस की नीति को स्पष्ट किया जा सकता है कि उनको केवल वादाखिलाफ़ी करने एवं जनता के भावनाओं के साथ खेलने आता है। उन्होंने कहा कि आज रोजगार कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 18 लाख 79 हजार है और एक तरफ कांग्रेस कह रही है कि राज्य का जो बेरोजगारी दर 00.1 प्रतिशत है, तो यह समझ से परे है कि कहीं न कहीं बेरोजगारों के जो 2500 रु भत्ता है व उनके हक को छीनने का काम कांग्रेस सरकार कर रही है और जिस प्रकार से एक प्राइवेट कंपनी के द्वारा जो सर्वे राज्य सरकार ने कराया उसकी जानकारी किसी को नहीं कि वह सर्वे कब कराया गया उससे अधिक तो केवल उसके विज्ञापन में खर्च कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को आखिर इतने विज्ञापन देने की आवश्यकता क्या है? सरकार केवल युवाओं को गुमराह करने का काम कर रही है, हाल ही में चपरासी के पद के लिये निकले गये वेकेंसी में 2.50 लाख युवाओं ने आवेदन दिया था तो इससे आकलन कर सकते है कि इस कांग्रेस सरकार के चलते प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या कितनी है। यह केवल एक प्राइवेट कंपनी के पर निर्भर रह कर आंकड़े छुपाने का प्रयास करते है और स्वयं कि वाहवाही बटोरते है, ये युवाओं के साथ केवल छलने का काम कर रहे हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बेरोजगारी दर के आंकड़ों को देखते हुए कांग्रेस सरकार पर कसा तंज
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