जशपुर। डिजिटल युग में जहां तकनीक लोगों की जिंदगी आसान बना रही है, वहीं साइबर अपराध तेजी से बढ़ते खतरे के रूप में सामने आ रहे हैं। हर दिन हजारों लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो रहे हैं। इसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए जशपुर पुलिस ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है।
जशपुर जिले में 200 से अधिक ‘साइबर योद्धाओं’ को तैयार किया गया है, जो गांव-गांव जाकर लोगों को साइबर फ्रॉड से सतर्क और जागरूक करेंगे। यह पहल जशपुर पुलिस द्वारा जिला प्रशासन, यूनिसेफ और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से शुरू की गई है।
विशेष प्रशिक्षण और तैयार किया गया मॉड्यूल
इस अभियान के तहत 228 साइबर योद्धाओं को दिल्ली से आए मास्टर ट्रेनरों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही 100 से अधिक पुलिसकर्मी भी इस प्रशिक्षण में शामिल हुए। उन्हें साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों और उनसे बचने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में एनएसएस के छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए।
अब ये प्रशिक्षित साइबर योद्धा गांवों, स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों में जाकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे।
पहले चरण में 40 ग्राम पंचायतों पर फोकस
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि इस अभियान के पहले चरण में जिले की 40 पिछड़ी ग्राम पंचायतों को चुना गया है, जहां साइबर योद्धा सक्रिय रूप से काम करेंगे। उन्होंने सभी योद्धाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया और कहा,
“साइबर फ्रॉड आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभाएगी।”
एक मजबूत सामाजिक पहल
जशपुर पुलिस की यह मुहिम न सिर्फ कानून व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ी पहल है। उम्मीद है कि इन साइबर योद्धाओं के प्रयासों से आमजन को ठगों के जाल से बचने में मदद मिलेगी और डिजिटल सुरक्षा को लेकर समाज अधिक सजग होगा।


