सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सेवाओं से खाताधारियों में नाराज़गी, बुजुर्गों और आम ग्राहकों को भुगतनी पड़ रही परेशानियाँ

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सेवाओं से खाताधारियों में नाराज़गी

0
40

 

लखनपुर – क्षेत्र का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित माना जाने वाला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इन दिनों अपने कर्मचारियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण विवादों में घिर गया है। बैंक में ग्राहकों को बुनियादी बैंकिंग सेवाओं के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम जनता, खासकर बुजुर्गों और पेंशनधारियों को खासी परेशानी हो रही है।

खाताधारियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। खाता खोलने, पासबुक अपडेट कराने और नकद निकासी जैसी सामान्य सेवाओं के लिए ग्राहकों को घंटों लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह इंतजार और भी तकलीफदेह हो जाता है, विशेष रूप से गर्मी के मौसम में, जब बैंक परिसर में न तो बैठने की उचित व्यवस्था होती है और न ही पेयजल उपलब्ध होता है।

एटीएम सेवा भी बेहद लचर
बैंक परिसर में स्थित एटीएम अक्सर कैशलेस रहता है, जिससे खाताधारियों को मजबूरी में अन्य बैंकों के एटीएम की शरण लेनी पड़ती है। यह स्थिति आपातकालीन निकासी की जरूरत वाले ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।

बुधवार को स्थिति और भी विकट
बुधवार को साप्ताहिक बाजार के दिन बैंक में ग्राहकों की भीड़ असहनीय हो जाती है। भीड़ के कारण बैंक के आसपास ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, वहीं बैंक के अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं बचती। महिला और बुजुर्ग ग्राहकों के लिए यह हालात अत्यधिक असुविधाजनक हो जाते हैं।

लोन वितरण में पक्षपात के आरोप
कुछ खाताधारियों का कहना है कि बैंक द्वारा ऋण वितरण में पारदर्शिता का अभाव है। मध्यम वर्गीय और ज़रूरतमंद लोग महीनों चक्कर काटते रहते हैं, जबकि रसूखदार और प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देकर आसानी से लोन उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रबंधक ने मानी समस्याएं, सुधार का आश्वासन
जब इस विषय में बैंक प्रबंधक श्री आलोक बेक से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बैंक में भीड़ की समस्या को स्वीकार किया। उन्होंने कहा,
“हम अपने कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव नहीं डाल सकते, लेकिन समस्याओं को सुलझाने के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे।”

स्थानीय लोगों की मांग
ग्राहकों और स्थानीय लोगों ने बैंक प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है। वे चाहते हैं कि बैंक में बैठने और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, लोन वितरण में निष्पक्षता बरती जाए, और स्टाफ के व्यवहार पर सख्ती से निगरानी रखी जाए ताकि सभी ग्राहकों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं को सम्मान और सुविधा के साथ सेवा मिले।

https://hn24.in/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251218-WA0003.jpg

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here