छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद एक बार फिर से 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया गया। परीक्षा परिणाम के अनुसार, जिले में कक्षा 5वीं के 88.97 प्रतिशत और कक्षा 8वीं के 78.79 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए। वहीं, असफल रहने वाले छात्रों को गर्मी की छुट्टी में विशेष कक्षाएं लगाकर दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
जिले में कक्षा 5वीं में लगभग 11 प्रतिशत और कक्षा 8वीं में 21 प्रतिशत विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में असफल रहे। इनमें कुल 9244 छात्रों को ग्रीष्मावकाश के दौरान पढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी।
जिला शिक्षा कार्यालय ने इस उद्देश्य से कार्य योजना बनानी शुरू कर दी है। जल्द ही स्कूलों को निर्देश जारी किए जाएंगे, जिसमें शिक्षकों को सुबह के समय स्कूल में आकर इन विद्यार्थियों को पढ़ाना अनिवार्य होगा।
जिले में कक्षा 5वीं की परीक्षा में 26028 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 23157 परीक्षार्थी सफल हुए। कक्षा 5वीं के उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 88.97 प्रतिशत रहा। इस परीक्षा में 2871 छात्र असफल रहे।
वहीं, कक्षा 8वीं की परीक्षा में कुल 30050 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 23677 विद्यार्थी सफल रहे। 8वीं के उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 78.79 प्रतिशत रहा। परीक्षा में 6373 विद्यार्थी असफल पाए गए।
गौरतलब है कि इस बार परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ब्लॉक बदलकर किया गया, जिससे निष्पक्षता बनी रहे। परीक्षा परिणाम 1 अप्रैल को घोषित किए गए थे।
राज्य सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा को फिर से शुरू किया है। जिन छात्रों ने पहली परीक्षा में सफलता प्राप्त नहीं की, उनके लिए 15 जून के बाद पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य असफल छात्रों को दूसरी बार अवसर देकर शैक्षणिक स्तर को सुधारना है। शिक्षकों को इस बात के निर्देश दिए जाएंगे कि वे ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी सुबह के समय बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल आएं।
सिर्फ सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी स्कूलों में भी इस कक्षा पुनर्परीक्षा योजना को लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को इस योजना का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।


