बलौदाबाजार जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला प्रवास के दौरान नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में स्थित मनोविकास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र के विभिन्न कक्षों का अवलोकन कर सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों के उपचार में सुधार हेतु विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—
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सप्ताह में दो दिन चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाए।
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संगीत शिक्षक सहित स्पेशल एजुकेशन के लिए शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाए।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ जांजगीर-चाम्पा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, कलेक्टर दीपक सोनी, और पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता सहित अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र के एजुकेशन कक्ष, फिजियोथेरेपी कक्ष और स्पीचथेरेपी कक्ष का निरीक्षण किया। वहां भर्ती बच्चों और उनके अभिभावकों से मुलाकात कर केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
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बच्चों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने चॉकलेट वितरित की और उनके साथ कैरम खेलकर उनका मनोबल बढ़ाया।
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बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि कम समय में ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र में भर्ती बालक शंकर की ढोलक वादन प्रतिभा से प्रभावित होकर उसे नया ढोलक देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनोविकास केंद्र का संचालन प्रभावी और संतोषजनक है। इस तरह के केंद्रों की आवश्यकता सभी जिलों और विकासखंडों में है।
बलौदाबाजार का मनोविकास केंद्र विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विकास और पुनर्वास के लिए समर्पित है। यह केंद्र जनवरी 2025 से सीएसआर मद से संचालित हो रहा है। वर्तमान में यहाँ 40 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समग्र विकास की सुविधाएँ दी जा रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र के संचालन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र समाज के कमजोर वर्गों के लिए आशा की किरण साबित हो रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि इसी तरह के केंद्रों को राज्य के अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को लाभ मिल सके।


