नागपुर|रेलवे सुरक्षा बल (RPF), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के नागपुर मंडल ने रेल पटरियों पर रील बनाने, सेल्फी लेने और अनधिकृत रूप से पटरी पार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। RPF ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें बताया जा रहा है कि ये गतिविधियां न केवल रेल अधिनियम, 1989 की धारा 147 और 153 के तहत अपराध हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।
7 साल की जेल और जुर्माना
RPF ने स्पष्ट किया है कि रेलवे ट्रैक पर रील बनाना, सेल्फी लेना या अनाधिकृत ढंग से पटरी पार करना कानूनी अपराध है। दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
नागपुर मंडल में RPF की टीमें रेलवे स्टेशनों, पटरियों के आसपास और नजदीकी गांवों में सक्रिय हैं। खासतौर पर युवाओं और बच्चों को ट्रैक पर रील्स बनाने और सेल्फी लेने के खतरों से आगाह किया जा रहा है। अभियान के तहत लोगों को पैदल उपरी पुल (FOB) का उपयोग करने और रेलवे नियमों का पालन करने की सख्त सलाह दी जा रही है।
RPF ने चेतावनी दी है कि रेलवे ट्रैक पर रील्स बनाने या सेल्फी लेने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसमें गिरफ्तारी और कानूनी दंड दोनों शामिल हैं।
नागपुर मंडल के RPF प्रभारी ने सख्त शब्दों में कहा,
“रेलवे ट्रैक कोई रील स्टूडियो नहीं है! ऐसी हरकतें न केवल आपकी जान को खतरे में डालती हैं, बल्कि ट्रेन परिचालन में भी बाधा उत्पन्न करती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि रेलवे ट्रैक पर रील्स बनाने वालों पर अब RPF की पैनी नजर रहेगी। किसी भी आपात स्थिति में लोग रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 182 या रेल मदद ऐप का उपयोग कर सकते हैं।
हाल के दिनों में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने और सेल्फी लेने की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। RPF का यह अभियान न केवल जागरूकता फैलाने के लिए है, बल्कि कानूनी कार्रवाई के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने का प्रयास भी है।
रेलवे ट्रैक पर रील बनाना और सेल्फी लेना बंद करें। अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें। नहीं तो जेल और जुर्माने के लिए तैयार रहें।


