
बड़ी खबर : रायपुर में दिव्यांगों को घसीटा, दिव्यांग संघ ने दी आत्मदाह की चेतावनी
रायपुर। राजधानी रायपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब विधानसभा घेराव से पहले बस स्टैंड के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगजनों को पुलिस ने जबरन हटाकर गाड़ियों में भरकर नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल पहुंचा दिया। सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी महिला और पुरुष दिव्यांगों को घसीटते हुए उठाते हैं।


प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए बदसलूकी की, विशेषकर महिला दिव्यांगों के साथ। छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ का कहना है कि इससे पहले भी कई बार आश्वासन के बावजूद सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं, जिसके बाद अब प्रदेश भर से दिव्यांगजन विधानसभा घेराव के लिए रायपुर पहुंचे हैं।
RAIPUR NEWS:संघ की 6 सूत्रीय प्रमुख मांगें हैं

1. फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र धारकों की तत्काल बर्खास्तगी।
2. दिव्यांग कोटे के बैकलॉग पदों पर विशेष भर्ती अभियान चलाना।
3. दिव्यांग पेंशन राशि को ₹5000 प्रतिमाह किया जाए।
4. बीपीएल शर्त की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
5. अविवाहित 21 वर्ष से अधिक आयु की दिव्यांग महिलाओं को महतारी वंदन योजना में शामिल किया जाए।
6. पदोन्नति में 3% आरक्षण सुनिश्चित करने संबंधित परिपत्र जारी किया जाए।
संघ पदाधिकारियों ने दावा किया कि CGPSC से चयनित 148 अधिकारी, जिनमें 7 डिप्टी कलेक्टर, 3 लेखा अधिकारी, 3 नायब तहसीलदार, 3 पशु चिकित्सक समेत कई अन्य शामिल हैं, ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है।
दिव्यांग संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो वे सामूहिक आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को विवश होंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस बर्बरता पर कड़ी आपत्ति जताई है। संघ के अनुसार, 16 जुलाई को शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने दिव्यांगजनों को पीटा, घसीटा और अपमानित किया। इस कार्रवाई में दो दिव्यांगों के हाथ टूट गए और कई घायल हुए हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आज शाम 4 बजे सामूहिक आत्मदाह करेंगे। संघ ने इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।




