नक्सलियों का आत्मसमर्पण : नारायणपुर में 33 लाख के इनामी 08 हार्डकोर माओवादी मुख्यधारा में लौटे
नक्सलवाद की अमानवीय विचारधारा से टूटे माओवादी, शांति और परिवार के जीवन की ओर लौटे
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले में एक बार फिर नक्सल उन्मूलन नीति की बड़ी सफलता सामने आई है। सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव, सामाजिक पुनर्वास और सरकार की प्रभावी नीति के परिणामस्वरूप 33 लाख रुपये के इनामी 8 कुख्यात माओवादी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 4 पुरुष और 4 महिला नक्सली शामिल हैं, जिनमें शीर्ष स्तर के डीवीसीएम, पीपीसीएम, एसीएम, पार्टी सदस्य और जनताना सरकार अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी भी शामिल हैं।
2025 में अब तक 140 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके
साल 2025 में अब तक 140 से अधिक नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के अंतर्गत ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है और भविष्य में उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
इंट्रोगेशन में हुए बड़े खुलासे
नक्सली नेताओं ने पूछताछ में बताया कि वे नक्सल विचारधारा की अमानवीयता, हिंसा और स्थानीय आदिवासियों के शोषण से परेशान होकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
वट्टी गंगा उर्फ मुकेश (DVCM, 8 लाख का इनामी) ने कहा, “नक्सली हमारे विकास को निगल रहे हैं, सरकार मुफ्त राशन, स्कूल, अस्पताल जैसी सुविधाएं दे रही है।”
रीना कुर्साम (सेक्शन डिप्टी कमांडर, 8 लाख की इनामी) ने सपना जताया कि उसकी बेटी बड़ी होकर “शिक्षिका बने और दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाए।”
लखमा लेकाम उर्फ सैनाथ (कमांडर, 8 लाख का इनामी) ने बताया कि नक्सलियों ने जबरन उसकी नसबंदी कराई थी, अब वह सरकार से मदद लेकर “पिता बनकर परिवार के साथ जीना चाहता है।”
हुर्रा उर्फ हिमांशु मिडियाम (8 लाख का इनामी) ने कहा, “मैं नक्सलवाद के आदिवासी विरोधी कृत्यों को उजागर करना चाहता हूं।”
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण
यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। इस दौरान ITBP, BSF और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, मीडियाकर्मी और सुरक्षा बल के जवान उपस्थित रहे।
आत्मसमर्पित माओवादियों के नाम, पद और इनाम राशि:
| क्रम | नाम एवं विवरण | पद | इनामी राशि |
|---|---|---|---|
| 1 | वट्टी गंगा उर्फ मुकेश | DVCM, उत्तर ब्यूरो TD टीम इंचार्ज | ₹8 लाख |
| 2 | लखमा लेकाम उर्फ सैनाथ | PPCM, प्लाटून 22 कमांडर | ₹8 लाख |
| 3 | रीना कुर्साम | PPCM, प्लाटून 1 डिप्टी कमांडर | ₹8 लाख |
| 4 | रमशिला उर्फ ऊंगी माड़वी | ACM, उत्तर ब्यूरो TD टीम | ₹5 लाख |
| 5 | माली मण्डावी | PLGA सदस्य | ₹1 लाख |
| 6 | ईरपा गोटा | जनताना सरकार अध्यक्ष | ₹1 लाख |
| 7 | मंगती उसेण्डी उर्फ टांगरी | LOS सदस्य, नेलनार | ₹1 लाख |
| 8 | सतरू मण्डावी | LOS सदस्य, ओरछा | ₹1 लाख |
नक्सल उन्मूलन में बड़ी उपलब्धि
इस आत्मसमर्पण को सरकार की “नरमी के साथ सख्ती” नीति की बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रशासन और सुरक्षा बलों का कहना है कि आदिवासी समाज को न्याय, विकास और सुरक्षा देने की मुहिम अब परिणाम देने लगी है।


