
रूस में भूकंप जापान, अमेरिका समेत कई देशों में सुनामी अलर्ट जारी
रूस के कमचटका प्रायद्वीप में मंगलवार को 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिससे प्रशांत महासागर के तटीय इलाकों में दहशत फैल गई है। इस शक्तिशाली भूकंप के बाद समुद्र में ऊंची लहरें उठीं, जिससे सुनामी की आशंका और बढ़ गई है।


जापान में सुनामी की पहली लहरें, न्यूक्लियर प्लांट खाली
भूकंप का असर जापान तक पहुंच गया है। होक्काइडो प्रांत में 40 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहरें दर्ज की गई हैं। एहतियात के तौर पर फुकुशिमा दाइची और दाइनी न्यूक्लियर प्लांट को खाली करा लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्लांट्स में परमाणु मलबा मौजूद है, जिससे रेडिएशन का खतरा हो सकता है।
अमेरिका, हवाई, गुआम में अलर्ट
अमेरिका ने हवाई और अलास्का में सुनामी की चेतावनी जारी की है, जबकि गुआम और माइक्रोनेशिया को ‘सुनामी वॉच’ पर रखा गया है।
हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने लोगों से शांति बनाए रखने और ऊंचाई पर जाने की अपील की है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है।

चीन, फिलीपींस, इंडोनेशिया, पेरू और इक्वाडोर भी अलर्ट पर
प्रशांत महासागर से सटे कई देशों जैसे चीन, फिलीपींस, इंडोनेशिया, पेरू, इक्वाडोर और गैलापागोस द्वीप समूह में भी सुनामी को लेकर अलग-अलग स्तर की चेतावनियां जारी की गई हैं।
रूस के पूर्वी इलाके प्रभावित
कमचटका भूकंप के बाद सेवेरो कुरिलस्क क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ गई है। पेत्रोपावलोव्स्क शहर में कुछ इमारतों को नुकसान हुआ है और कुछ लोग घायल हुए हैं।
सुनामी कैसे बनती है?
‘सुनामी’ शब्द जापानी भाषा से लिया गया है, जिसमें ‘सू’ का मतलब है ‘समुद्र तट’ और ‘नामी’ का अर्थ ‘लहर’। जब समुद्र के भीतर भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट या ज़मीन धंसने जैसी घटनाएं होती हैं, तो समुद्र का पानी तेजी से ऊपर उठता है, जिससे लंबी और ऊंची लहरों का रेला बनता है, जो तट की ओर बढ़ता है।
सुनामी लहरें इतनी विनाशकारी क्यों होती हैं?
सामान्य लहरें सूर्य-चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण से बनती हैं, लेकिन सुनामी लहरें भूगर्भीय गतिविधियों से बनती हैं, इसलिए ये काफी तेज़ और शक्तिशाली होती हैं। जब ये तट से टकराती हैं, तो 30 मीटर तक ऊंची हो सकती हैं और रास्ते में आने वाली हर चीज़ को तबाह कर सकती हैं।
वैज्ञानिकों की चेतावनी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि टेक्टॉनिक प्लेट्स जहां मिलती हैं, वे इलाके सुनामी के लिए बेहद संवेदनशील होते हैं, जैसे जापान, सुमात्रा, फिलीपींस आदि। भले ही हर भूकंप से सुनामी न आए, लेकिन समुद्र के भीतर जब तेज़ भूगर्भीय हलचल होती है, तो उसकी संभावना काफी बढ़ जाती है।
कमचटका में आया यह भूकंप 1952 के 9 तीव्रता वाले भूकंप जैसा ही शक्तिशाली बताया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुनामी की संभावनाओं को देखते हुए वैश्विक अलर्ट जारी किया गया है। तटीय इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।




