आयकर विभाग और व्यापारियों के बीच बढ़ेगा विश्वास, चेम्बर ने मुख्य आयकर आयुक्त को सौंपे महत्वपूर्ण सुझाव

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आयकर विभाग और व्यापारियों के बीच बढ़ेगा विश्वास, चेम्बर ने मुख्य आयकर आयुक्त को सौंपे महत्वपूर्ण सुझाव

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज अध्यक्ष सतीश थौरानी जी के मार्गदर्शन में चेम्बर प्रतिनिधिमंडल, केंद्रीय राजस्व भवन, सिविल लाइंस स्थित मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय में आयोजित RDTAC की बैठक में प्रमुख रूप से शामिल हुआ। इस अवसर पर चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुन्दरानी ने लोकसभा सांसद माननीया रूप कुमारी चौधरी जी के उपस्थिति में के. देवरत्न कुमार मुख्य आयकर आयुक्त एवं ऋतुपर्ण नामदेव अतिरिक्त आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के व्यापारिक संगठनों की ओर से आयकर प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुन्दरानी ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि विभाग और करदाताओं के बीच “Facilitation over Enforcement” (प्रवर्तन से अधिक सुविधा) की नीति अपनाई जानी चाहिए। व्यापारिक संगठनों के बीच नियमित संवाद के लिए एक तंत्र विकसित किया जाए और RDTAC की बैठकों को त्रैमासिक (Quarterly) आधार पर आयोजित किया जाए। नोटिस की जटिलता को कम करने और छोटे व मध्यम करदाताओं के लिए ‘सिम्प्लीफाइड कम्प्लायंस फ्रेमवर्क’ लागू करने की मांग की गई। साथ ही, केवल रिस्क-आधारित स्क्रूटनी को ही प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया।फेसलेस स्कीम के तहत व्यापारियों को वर्चुअल हीयरिंग (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) का प्रभावी अधिकार देने और सरल भाषा में क्वेरी जारी करने का आग्रह किया गया है। प्रदेश के MSME सेक्टर को ध्यान में रखते हुए टियर-2 और टियर-3 शहरों में टैक्स अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने और छोटे व्यापारियों के लिए ‘कम्प्लायंस सपोर्ट सेंटर’ खोलने संबंधी सुझाव दिए। छोटे मामलों में मुकदमेबाजी कम करने के लिए थ्रेशोल्ड लिमिट बढ़ाने और मानवीय भूलों को सुधारने हेतु ‘पेनल्टी-फ्री करेक्शन विंडो’ प्रदान करने की बात कही गई ।पोर्टल की दिक्कतों के समाधान के लिए एक डेडिकेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम और फाइलिंग डेडलाइन के दौरान सिस्टम की स्थिरता सुनिश्चित करने की मांग की गई।

श्री सुन्दरानी ने आगे बताया कि, “चेम्बर का उद्देश्य, कर प्रशासन को अधिक सरल और विश्वास-आधारित बनाना है। यदि व्यापारियों को बेवजह की जटिलताओं और बार-बार आने वाली क्वेरीज से राहत मिलती है, तो इससे न केवल व्यापार सुगम होगा बल्कि टैक्स कम्प्लायंस में भी स्वतः वृद्धि होगी।”
मुख्य आयकर आयुक्त ने चेम्बर द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए इन पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी एवं चेम्बर के अन्य पदाधिकारी और व्यापारिक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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