सभी स्कूल और कॉलेजों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया
हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया गया

इजरायल और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब खुले युद्ध में तब्दील होता दिख रहा है। शुक्रवार सुबह इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने ईरान पर जोरदार हवाई हमला किया। इस हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में ईरान के सेना प्रमुख और एक वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक के मारे जाने की खबर है।
हमले के बाद तेहरान समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों की गूंज सुनाई दी, और राजधानी के चिटगर इलाके से धुएं के गुबार उठते देखे गए। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इन धमाकों की पुष्टि की है, हालांकि अभी तक नुकसान का पूरा ब्यौरा सामने नहीं आया है।
इजरायल में घोषित की गई इमरजेंसी, स्कूल-कॉलेज और एयरस्पेस बंद
हमले के फौरन बाद इजरायल सरकार ने देशभर में आपातकाल घोषित कर दिया है। सभी स्कूल और कॉलेजों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। साथ ही इजरायल का हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया गया है। देशभर में वॉर्निंग सायरन बजाए गए हैं और नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
IDF के अनुसार, ईरान के पास परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम है और यही वजह है कि यह हमला एक “एहतियातन सैन्य कार्रवाई” के तौर पर किया गया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने कहा कि ईरान की ओर से संभावित जवाबी हमले के मद्देनज़र देश की सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट पर रखा गया है।
ईरान में भी इमरजेंसी, जवाबी कार्रवाई की आशंका
ईजरायली हमले के बाद ईरान ने भी देशभर में इमरजेंसी लागू कर दी है। स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, और एयरस्पेस को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। ईरानी मीडिया और सेना के सूत्रों के अनुसार, अब ईरान की ओर से जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका जताई जा रही है।
इस हमले का वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि सुबह-सुबह मिसाइलों की बौछार की जा रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, हालांकि इसकी पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है कि वीडियो में दिख रहे हमले इसी ऑपरेशन के हैं या नहीं।
स्थिति गंभीर, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
फिलहाल दोनों देशों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस मुद्दे पर टिकी हैं, और जल्द ही संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य वैश्विक संस्थाओं की प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।

